हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति, एसवाईएल मुद्दे और विभिन्न सरकारी योजनाओं को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को लगता है कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ठीक है, तो उसे इस विषय पर चर्चा के लिए विशेष विधानसभा सत्र बुलाना चाहिए।
कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर दिए गए अपने बयान पर सफाई देते हुए हुड्डा ने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से अमरिंदर सिंह के संपर्क में हैं और दोनों के बीच नियमित बातचीत होती रहती है। उन्होंने बताया कि हाल ही में अमरिंदर सिंह के एक रिश्तेदार के निधन के संबंध में भी उनकी फोन पर बातचीत हुई थी।
हरियाणा में बढ़ते अपराधों को लेकर हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में रोजाना आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं और मीडिया भी लगातार इनकी रिपोर्टिंग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध का ग्राफ बढ़ा है और सरकार इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल रही है।
एसवाईएल (सतलुज-यमुना लिंक) नहर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट हरियाणा के पक्ष में फैसला दे चुका है, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार पंजाब से अपने हिस्से का पानी लेने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में अधिक दृढ़ता दिखानी चाहिए।
हुड्डा ने दावा किया कि पंजाब में आगामी चुनावों में कांग्रेस की सरकार बनेगी। साथ ही उन्होंने हरियाणा सरकार की लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि चुनावी घोषणापत्र में महिलाओं को योजना के तहत आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया था, लेकिन अब सरकार इसमें लगातार बदलाव कर रही है।
खिलाड़ियों के सम्मान को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को खिलाड़ियों को सम्मान देने की याद 12 वर्ष बाद आई है, जबकि हरियाणा के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय से प्रदेश का नाम रोशन किया है।
हुड्डा ने कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा और सरकार से जवाबदेही की मांग करता रहेगा।
