Thursday, July 30, 2026
किसान यात्रा एवं पशुधन संवर्धन सम्मेलन

लुवास में किसान यात्रा एवं पशुधन संवर्धन सम्मेलन, वैज्ञानिक पशुपालन से आय बढ़ाने पर जोर

हिसार में आयोजित सम्मेलन में मंत्री रणबीर गंगवा ने किसानों और पशुपालकों को किया संबोधित

हिसार। केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार द्वारा बुधवार को “किसान यात्रा एवं पशुधन संवर्धन सम्मेलन” का आयोजन किया गया। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के इंदिरा गांधी सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए किसानों, पशुपालकों, वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।

वैज्ञानिक पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आय: रणबीर गंगवा

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में कृषि और पशुपालन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों तथा पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं।

उन्होंने पशुधन बीमा, डेयरी विकास, नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य सेवाओं और स्वरोजगार योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही, वैज्ञानिक पशु प्रबंधन, संतुलित पशु आहार और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर बल दिया।

स्वदेशी नस्लों के संरक्षण पर दिया विशेष जोर

रणबीर गंगवा ने कहा कि स्वदेशी पशु नस्लों का संरक्षण और संवर्धन राष्ट्रीय आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से बेहतर प्रजनन तकनीकों को अपनाने और पशुधन विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने “समृद्ध पशुधन, समृद्ध किसान, समृद्ध हरियाणा” का नारा देते हुए पशुपालन को आर्थिक मजबूती का आधार बताया।

पशुपालन बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ताकत

नलवा विधायक रणधीर पनिहार ने कहा कि पशुपालन किसानों की अतिरिक्त आय का मजबूत स्रोत बन चुका है। उन्होंने युवाओं और महिलाओं से वैज्ञानिक पशुपालन को रोजगार के अवसर के रूप में अपनाने का आह्वान किया।

वहीं, हिसार के महापौर प्रवीण पोपली ने कहा कि आधुनिक तकनीकों और उन्नत नस्लों के उपयोग से पशुधन की उत्पादकता में बड़ा सुधार किया जा सकता है।

गांव-गांव तक पहुंचेगी वैज्ञानिक जानकारी: कुलपति

लुवास के कुलपति प्रो. विनोद कुमार वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय पशुपालन और पशु विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार गतिविधियों के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, दुग्ध उत्पादन वृद्धि, नस्ल सुधार, रोग नियंत्रण और पशुधन आधारित उद्यमिता के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम चला रहा है। इसके अलावा, आधुनिक तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है।

कृषि और पशुपालन का समन्वय जरूरी: डॉ. कम्बोज

एचएयू के कुलपति डॉ. बी.आर. कम्बोज ने कहा कि कृषि और पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दो मजबूत आधारशिलाएं हैं। उन्होंने किसानों से अनुसंधान आधारित तकनीकों को अपनाने और विश्वविद्यालयों की विशेषज्ञ सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की।

प्रगतिशील किसान और पशुपालक हुए सम्मानित

सम्मेलन के दौरान कृषि और पशुपालन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कई प्रगतिशील किसानों और पशुपालकों को सम्मानित किया गया। इनमें सुनील (गोरची), सुमित्रा (मंगाली), राम मेहर (घिराय), सुमित बूरा, विजय मोर, राम निवास, सुरेंद्र, ईश्वर सिंह, अशोक, शिव कुमार, धर्मबीर जांगड़ा तथा बाबा फुल्ला साध गौशाला समिति के प्रतिनिधि शामिल रहे।

अतिथियों ने सम्मानित किसानों को ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार का प्रेरणास्रोत बताया।

किसानों को मिली नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी

सम्मेलन में विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने आधुनिक पशुपालन, पशु स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण, उन्नत नस्ल विकास, दुग्ध उत्पादन और पशुधन आधारित उद्यमिता से जुड़ी नवीनतम जानकारियां साझा कीं। इसके साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम के अंत में लुवास के कुलसचिव डॉ. आर.एन. चौधरी ने सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों, किसानों और पशुपालकों का आभार व्यक्त किया।