Thursday, July 30, 2026

‘युद्ध नशे विरुद्ध’ बना जन आंदोलन, 20 हजार से ज्यादा युवाओं ने कराया इलाज

चंडीगढ़। पंजाब में 1 मार्च 2025 से शुरू किया गया ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान अब जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस अभियान के तहत न केवल नशा तस्करों पर शिकंजा कसा गया है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्ग भी इस मुहिम से जुड़कर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का काम कर रहे हैं।

अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए कहा गया कि जब यह मुहिम शुरू की गई थी, उस समय नशा तस्करों का काफी दबदबा था। अभियान के दौरान अब तक 29 किलोग्राम चिट्टा बरामद किया जा चुका है और नशे की सप्लाई लाइन को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।

सरकार ने गांव स्तर पर विलेज डिफेंस कमेटियों का गठन किया है, जिससे आम लोग भी इस अभियान का हिस्सा बन रहे हैं। इसके साथ ही राज्य के डि-एडिक्शन सेंटरों को बेहतर बनाया गया है। अब तक 20 हजार से अधिक नशा पीड़ित इन केंद्रों में इलाज करवा चुके हैं।

आने वाले दिनों में ‘सुरमा’ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसके तहत नशा छोड़ चुके युवा स्वयं आगे आकर अन्य नशा पीड़ितों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। फिलहाल ऐसे 500 युवा वालंटियर के रूप में इस अभियान से जुड़े हुए हैं।

सरकार ने जेलों में भी सुधारात्मक कदम उठाते हुए आठ जेलों में 10-10 बेड वाले अस्पताल स्थापित किए हैं। उद्देश्य यह है कि नशे की लत से जूझ रहे और अपराध में शामिल लोगों का उपचार और पुनर्वास किया जा सके।

 

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इसके अलावा, जागरूकता अभियान को और व्यापक बनाने की तैयारी की जा रही है। इस मुहिम में विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और उद्योग समूहों को भी जोड़ा जा रहा है। बताया गया कि अदित्य बिड़ला समूह भी इस अभियान में सहयोग करेगा।

सरकार ने चिंता जताई कि पंजाब के युवाओं को सीमा पार से निशाना बनाया जा रहा है और राज्य में बड़ी मात्रा में नशा व हथियार भेजे जा रहे हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार और सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

नशे के खिलाफ इस अभियान को लेकर सरकार का कहना है कि आने वाले समय में इसे और अधिक प्रभावी और जनभागीदारी आधारित बनाया जाएगा।