भिवानी: भिवानी के लघु सचिवालय में हरियाणा राज्य महिला आयोग की बेंच के माध्यम से 30 मामलों की सुनवाई की गई। महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने मामलों की सुनवाई करते हुए 9 मामलों का मौके पर ही समाधान किया। वहीं, कुछ मामलों में दोबारा सुनवाई और जांच के आदेश दिए गए।
मीना परमार ने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ उसे न्याय मिलना आयोग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला को अपनी शिकायत लेकर आयोग के दरवाजे से निराश होकर वापस नहीं लौटना चाहिए।
30 मामलों की हुई सुनवाई, 9 का मौके पर समाधान
लघु सचिवालय में आयोजित सुनवाई के दौरान कुल 30 केसों को सुना गया। इनमें से 9 मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया।
वहीं, 5 मामलों में संबंधित पक्षों को दोबारा आयोग के समक्ष बुलाया गया है। इसके अलावा करीब 6 से 7 मामलों में दोबारा जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने मामलों की परिस्थितियों और दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट शिकायतों में दोबारा जांच के आदेश
मीना परमार ने बताया कि जिन शिकायतकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर संतुष्टि नहीं जताई, उनके मामलों में दोबारा जांच के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि मामले के तथ्यों को समझकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी महत्वपूर्ण है और आयोग चाहता है कि न्याय की उम्मीद लेकर आने वाली किसी भी महिला को निराश न होना पड़े।
बोलीं- महिला बिना डर के आयोग का दरवाजा खटखटाए
मीना परमार ने महिलाओं से अपील की कि किसी भी परेशानी या शिकायत की स्थिति में उन्हें डरने या दबने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपनी शिकायत आयोग तक पहुंचा सकती हैं।
उन्होंने बताया कि महिलाएं घर बैठे भी आयोग की ई-मेल आईडी aayogmahila@gmail.com पर अपनी शिकायत भेज सकती हैं।
सुनवाई में नहीं पहुंचे लोगों को जारी होंगे नोटिस
मीना परमार ने कहा कि जिन लोगों को आयोग की सुनवाई के लिए सूचना दी गई थी और वे निर्धारित सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए, उनके खिलाफ आयोग की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे।
उन्होंने संबंधित थानों के मामलों में थाना प्रभारी और जांच अधिकारी की जिम्मेदारी तय किए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच और कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
दोनों पक्षों की बात सुनकर होती है कार्रवाई
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि आयोग प्रत्येक मामले को बारीकी से समझने का प्रयास करता है। इसके लिए शिकायतकर्ता के साथ-साथ दूसरे पक्ष की बात भी सुनी जाती है।
उन्होंने कहा कि आयोग में महिला और पुरुष दोनों पक्षों की बात सुनी जाती है, ताकि मामले के सभी पहलुओं को समझा जा सके और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।
महिलाओं से बोलीं- परेशानी होने पर खुलकर सामने आएं
मीना परमार ने महिलाओं से कहा कि यदि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो वे बिना डर के अपनी शिकायत सामने रखें। उन्होंने कहा कि महिला आयोग महिलाओं की शिकायतों को सुनने और उचित कार्रवाई के लिए उनके साथ खड़ा है।
भिवानी में हुई इस सुनवाई में कुल 30 मामलों पर कार्रवाई हुई। इनमें 9 मामलों का मौके पर समाधान किया गया, जबकि अन्य मामलों में दोबारा सुनवाई और जांच के निर्देश दिए गए हैं।
