अंबाला शहर: गीता नगरी में पानी की किल्लत और गंदे पानी की सप्लाई से परेशान लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई दिनों से घरों में नियमित पानी नहीं आ रहा, जबकि कुछ जगहों पर गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। दूसरी ओर, पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें उखाड़े जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने पर लोगों ने मौके पर काम कर रही जेसीबी रुकवा दी और ठेकेदार के सामने अपनी मांगें रखीं।
कई दिनों से पानी की समस्या, शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं
स्थानीय लोगों के मुताबिक, गीता नगरी में पानी की नियमित सप्लाई नहीं होने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। कुछ घरों में गंदा पानी आने की शिकायत भी सामने आई है। लोगों का कहना है कि वे अपनी समस्या लेकर कई बार प्रशासन और नगर निगम के पास जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।
पाइपलाइन के काम से सड़कें उखड़ीं, आवाजाही में परेशानी
इलाके में पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई हैं। इससे लोगों को घरों तक आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी की किल्लत के बीच सड़कें उखड़ने से स्थानीय निवासियों की नाराजगी और बढ़ गई है।
मंगलवार को गुस्साए लोग मौके पर एकत्र हुए और काम कर रही जेसीबी को रुकवा दिया। उन्होंने वहां मौजूद ठेकेदार के सामने पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने और इलाके में नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग रखी।
महिलाओं का आरोप- 8 से 10 मिनट ही आती है पानी की सप्लाई
स्थानीय महिलाओं ने बताया कि पानी की समस्या को लेकर पहले भी सड़क जाम कर विरोध जताया गया था। उस समय प्रशासन की ओर से लहरी पानी की सप्लाई देने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, महिलाओं का दावा है कि यह सप्लाई केवल एक दिन आई और उसके बाद फिर बंद हो गई।
महिलाओं के अनुसार, नियमित पानी की सप्लाई भी मुश्किल से 8 से 10 मिनट के लिए आती है। इतने कम समय में परिवार की जरूरत के मुताबिक पानी भर पाना मुश्किल हो जाता है।
लोगों ने की स्थायी समाधान की मांग
गीता नगरी के निवासियों का कहना है कि पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए उन्हें बार-बार शिकायत और प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। लोगों ने मांग की है कि पानी की सप्लाई नियमित की जाए, गंदे पानी की समस्या दूर हो और पाइपलाइन का काम इस तरह पूरा किया जाए कि सड़क और आवाजाही की परेशानी भी खत्म हो।
अब सवाल यह है कि संबंधित विभाग लोगों की शिकायतों पर कब कार्रवाई करेगा और गीता नगरी के निवासियों को पानी की समस्या से कब राहत मिलेगी।
