अंबाला शहर: जीटी रोड स्थित मंजी साहिब गुरुद्वारा के पास प्राचीन राम मंदिर के पीछे जोगी वाड़ा की ओर जाने वाले रास्ते को बंद करने की बात को लेकर सोमवार को हंगामा हो गया। रास्ता बंद किए जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध जताया। सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। मंजी साहिब गुरुद्वारा जीटी रोड पर स्थित अंबाला का प्रमुख धार्मिक स्थल है।
मंदिर निर्माण से पहले रास्ते को लेकर विवाद
मौके पर मौजूद मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी मोहन सैनी ने बताया कि प्राचीन राम मंदिर का पुनर्निर्माण किया जाना है। उनके अनुसार, मंदिर के भूमि पूजन के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसी को देखते हुए सुरक्षा और निर्माण कार्य की तैयारियों के लिए रास्ते पर अस्थायी व्यवस्था की जा रही है।
ट्रस्टी का कहना है कि रास्ते को हमेशा के लिए बंद करने की योजना नहीं है। निर्माण स्थल की सुरक्षा और सामग्री की आवाजाही को देखते हुए फिलहाल रास्ते पर गेट लगाने की व्यवस्था की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने कहा- करीब 100 साल पुराना है रास्ता
वहीं, स्थानीय निवासियों का कहना है कि मंदिर के पीछे जोगी वाड़ा की ओर जाने वाला रास्ता करीब 100 साल पुराना है। करीब 5 फीट चौड़े इस रास्ते का इस्तेमाल आसपास के लोग लंबे समय से पैदल आने-जाने के लिए करते हैं।
लोगों का कहना है कि रास्ता बंद होने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को मंदिर तक पहुंचने में परेशानी होगी। स्थानीय लोगों ने साफ किया कि उन्हें मंदिर के पुनर्निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पुराने रास्ते को बंद करने का वे विरोध करेंगे।
सुरजीत कौर बोलीं- मंदिर निर्माण का विरोध नहीं
स्थानीय निवासी सुरजीत कौर ने कहा कि मोहल्ले के लोगों को मंदिर निर्माण से कोई परेशानी नहीं है। लोग मंदिर निर्माण में सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन वर्षों पुराने रास्ते को बंद नहीं किया जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने जमीन और रास्ते से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि पहले यह साफ होना चाहिए कि पुराने रास्ते की स्थिति और उसके इस्तेमाल को लेकर दस्तावेजों में क्या दर्ज है।
कॉम्प्लेक्स बनने की आशंका पर ट्रस्टी ने दी सफाई
विरोध के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि भविष्य में मंदिर के साथ व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाया जा सकता है। हालांकि, मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी मोहन सैनी ने इस आशंका को खारिज किया है।
ट्रस्टी के अनुसार, मंदिर का प्रस्तावित नक्शा और स्ट्रक्चर तैयार है। उनका कहना है कि संबंधित दस्तावेज और प्रस्तावित निर्माण की जानकारी अधिकारियों के सामने रखी जाएगी। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, ट्रस्ट ने मंदिर परिसर में किसी कॉम्प्लेक्स की योजना से इनकार किया है।
मंदिर से जुड़ी है स्थानीय लोगों की आस्था
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्राचीन राम मंदिर से आसपास के लोगों की गहरी धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। लोगों के अनुसार, यहां हर साल कांवड़ से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं।
इसी वजह से स्थानीय लोग मंदिर निर्माण का समर्थन करते हुए पुराने रास्ते को बनाए रखने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिर का विकास हो, लेकिन लोगों की वर्षों पुरानी आवाजाही का रास्ता भी सुरक्षित रहना चाहिए।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
रास्ता बंद करने को लेकर बढ़ते विरोध की सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और लोगों से बातचीत की। स्थानीय लोगों ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी आपत्तियां रखीं।
फिलहाल विवाद का केंद्र मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि पुराने रास्ते को बंद किए जाने को लेकर बनी स्थिति है। ट्रस्ट की ओर से इसे निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा अस्थायी कदम बताया जा रहा है, जबकि स्थानीय लोग रास्ता बंद न करने की मांग पर कायम हैं।
