Sunday, October 25, 2026

UJJWAL DISHA: एफटीए के विरोध में भड़की किसान यूनियन, पीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

सिरसा। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विदेशी व्यापार समझौतों (एफटीए) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार विरोध दर्ज कराया। यूनियन की जिला इकाई ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर इन समझौतों को किसानों की आर्थिक आजादी पर हमला बताया।

खेती और डेयरी पर खतरे की आशंका

यूनियन पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता में कहा कि प्रस्तावित व्यापार समझौतों के लागू होने से सस्ते विदेशी कृषि और डेयरी उत्पाद भारतीय बाजार में आ जाएंगे, जिससे स्थानीय किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा और फसलों के दाम गिर सकते हैं।

“किसानों के लिए डेथ वारंट”

यूनियन ने इन समझौतों को किसानों के लिए “डेथ वारंट” करार देते हुए मांग की कि कृषि, डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर को किसी भी ट्रेड डील से पूरी तरह बाहर रखा जाए।

कॉर्पोरेट कब्जे का आरोप

किसानों ने आरोप लगाया कि इन समझौतों के जरिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों का कृषि क्षेत्र पर नियंत्रण बढ़ेगा, जिससे छोटे किसान और मजदूर बेरोजगारी की मार झेलेंगे।

एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग

ज्ञापन में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई, ताकि किसानों को आर्थिक संकट और कर्ज जैसी समस्याओं से राहत मिल सके।

बड़े आंदोलन की चेतावनी

यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज कर इन समझौतों को आगे बढ़ाया, तो देशभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार और प्रशासन की होगी।