Saturday, June 6, 2026

UJJWAL DISHA: पीएम सूर्य घर योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर हरियाणा को मिलेंगे तीन राष्ट्रीय पुरस्कार : अनिल विज

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हरियाणा को राष्ट्रीय स्तर पर तीन प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलने जा रहे हैं। इस उपलब्धि पर प्रदेश के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने खुशी जताते हुए कहा कि पुरस्कार सिफारिशों से नहीं, बल्कि बेहतर कार्य के आधार पर मिलते हैं और हरियाणा ने अपने प्रदर्शन से यह सम्मान हासिल किया है।

अनिल विज ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत हरियाणा में आवेदन संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि राज्य का लक्ष्य इस वर्ष दो लाख सौर ऊर्जा कनेक्शन स्थापित करने का है, जिसे निर्धारित लक्ष्य से अधिक पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था पर भी काम कर रही है, जिसके तहत एक किलोवाट बिजली कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को बिना बैंक ऋण की जटिल प्रक्रिया के सोलर कनेक्शन उपलब्ध कराया जा सके।

मंत्री ने बताया कि नियमित रूप से बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को पांच किलोवाट तक के सोलर सिस्टम लगाने की सुविधा देने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा किसानों के लिए भी एक मॉडल प्रस्तावित किया गया है, जिसमें खाली पड़ी कृषि भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर उत्पादित बिजली के बदले किसानों को निर्धारित भुगतान किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के समक्ष भी रखा गया है।

राहुल गांधी के बयान पर साधा निशाना

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के कथित बयान, “अब या तो मोदी सरकार गिरेगी या इमरजेंसी लगेगी”, पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल विज ने कहा कि राहुल गांधी के बयानों को देश की जनता गंभीरता से नहीं लेती। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अक्सर विरोधाभासी बयान देते हैं और लगातार चुनावी पराजयों के कारण निराशा में दिखाई देते हैं।

पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी टिप्पणी

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर कथित असंतोष और विधायकों के अलग गुट बनने के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल विज ने कहा कि राज्य में राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां की सरकार से जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों में भी असंतोष है। विज ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल का जनाधार कमजोर हो रहा है और आने वाले समय में राजनीतिक परिदृश्य में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

हालांकि, पश्चिम बंगाल में विधायकों के अलग गुट बनने और राजनीतिक स्थिति से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए इन बयानों को संबंधित राजनीतिक पक्षों के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।