Thursday, July 30, 2026
नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन शिमला

नीट पेपर लीक के विरोध में शिमला में युवा कांग्रेस का मशाल जुलूस, केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

शिमला।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इसी कड़ी में राजधानी शिमला में युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मशाल जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ यह जुलूस रिज मैदान तक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष मौन प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया।

इस प्रदर्शन में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं विधायक कुलदीप सिंह राठौर तथा शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप

मशाल जुलूस के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में बार-बार गड़बड़ियां सामने आना बेहद चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि देश के लाखों-करोड़ों छात्र कठिन मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य पर सवाल खड़े कर रही हैं।

“कार्रवाई के नाम पर हो रही लीपापोती”

कुलदीप सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि पेपर लीक मामलों में प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कार्रवाई के नाम पर केवल लीपापोती कर रही है, जबकि युवाओं में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि देशभर में युवा कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतर रही है और शिमला का यह प्रदर्शन उसी अभियान का हिस्सा है।

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महात्मा गांधी प्रतिमा के समक्ष मौन प्रदर्शन

रिज मैदान पहुंचने के बाद युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष मौन प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

युवाओं के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी

युवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।