अंबाला छावनी: नो पार्किंग क्षेत्र में खड़ी एक कार को उठाए जाने को लेकर शुक्रवार को अंबाला छावनी में विवाद खड़ा हो गया। वाहन मालिक ने आरोप लगाया कि उनकी गाड़ी पर संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से लिखा हुआ था, इसके बावजूद मल्टी लेवल पार्किंग के ठेकेदार द्वारा उन्हें बिना कोई सूचना दिए वाहन को उठा लिया गया।
वाहन मालिक के अनुसार, जिस समय गाड़ी उठाई गई उस समय वाहन का चालक, जो बुजुर्ग व्यक्ति है, काफी परेशान हो गया। उसे लगा कि गाड़ी चोरी हो गई है। उन्होंने कहा कि अचानक गाड़ी गायब होने से किसी भी व्यक्ति को मानसिक तनाव हो सकता है और ऐसी स्थिति में किसी अनहोनी की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
गाड़ी नहीं मिलने पर वाहन मालिक और उनके परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में वाहन में लगे ट्रैकर की मदद से लोकेशन चेक की गई, जिससे पता चला कि गाड़ी मल्टी लेवल पार्किंग परिसर में खड़ी है। इसके बाद वे मौके पर पहुंचे और मामले को लेकर नाराजगी जताई।
वाहन मालिक का कहना है कि यदि प्रशासन या पार्किंग ठेकेदार द्वारा किसी वाहन को उठाया जाता है तो वाहन मालिक को पहले या कम से कम तुरंत बाद फोन कर इसकी सूचना दी जानी चाहिए। उनका आरोप है कि बिना किसी जानकारी के वाहन को उठाना उचित प्रक्रिया नहीं है और इससे लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वहीं, इस मामले में मल्टी लेवल पार्किंग के एक कर्मचारी ने बताया कि उन्हें प्रशासन की ओर से नो पार्किंग और गलत स्थानों पर खड़े वाहनों को उठाने तथा उनका चालान करने का अधिकार दिया गया है। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है और आगे भी बाजारों तथा नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी इस बात को लेकर चर्चा रही कि वाहन उठाने की कार्रवाई के साथ-साथ वाहन मालिकों को तत्काल सूचना देने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि अनावश्यक भ्रम और परेशानी से बचा जा सके।
