यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर के औरंगाबाद में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसान महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में धान खरीद में देरी, मंडियों की समस्याओं, धान में नमी की सीमा, गन्ने के दाम बढ़ाने, गेहूं के भाव और भारत-अमेरिका ट्रेड डील समेत किसानों से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए।
राकेश टिकैत ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का किया विरोध
महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करते हुए किसानों के हितों को ध्यान में रखने की मांग उठाई।
किसान नेताओं का कहना था कि किसी भी ट्रेड डील का असर सीधे कृषि और किसानों की आय पर पड़ सकता है, इसलिए किसानों के हितों से जुड़े पहलुओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
धान खरीद में देरी और पोर्टल की समस्याओं पर नाराजगी
महापंचायत में धान खरीद को लेकर किसानों की नाराजगी प्रमुख मुद्दा रही। किसानों ने आरोप लगाया कि मंडियों में खरीद प्रक्रिया में देरी हो रही है और ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल से जुड़ी समस्याओं के कारण भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने धान में नमी के नाम पर होने वाली कटौती और खरीद प्रक्रिया में देरी का मुद्दा भी उठाया। रिपोर्टों के मुताबिक, किसानों की मांग है कि धान में निर्धारित नमी सीमा को 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 22 प्रतिशत किया जाए।
गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग
महापंचायत में गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई। भारतीय किसान यूनियन की ओर से गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की गई।
राकेश टिकैत इससे पहले भी यमुनानगर में गन्ने का मूल्य लागत के अनुरूप 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग उठा चुके हैं।
किसान नेताओं का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में फसलों का लाभकारी मूल्य मिलना जरूरी है, ताकि किसानों को आर्थिक राहत मिल सके।
गेहूं के भाव और कर्ज माफी का मुद्दा भी उठा
महापंचायत में गेहूं के भाव में बढ़ोतरी और किसानों की कर्ज माफी की मांग भी सामने आई। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार को फसलों के उचित मूल्य और अन्य समस्याओं पर ठोस निर्णय लेना चाहिए।
महापंचायत से पहले भी भाकियू की ओर से स्पष्ट किया गया था कि गन्ने के रेट, धान खरीद, बिजली, खाद और बीज से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
महापंचायत के बाद किसानों ने हाईवे पर लगाया जाम
महापंचायत के बाद किसानों का विरोध प्रदर्शन सड़क तक पहुंच गया। किसानों ने पंचकूला-सहारनपुर हाईवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान राकेश टिकैत समेत किसान नेता और बड़ी संख्या में किसान सड़क पर बैठे रहे।
रिपोर्टों के अनुसार, हाईवे पर करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। किसान प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी के मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और सरकार तक मांगें पहुंचाने की मांग कर रहे थे।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला जाम
जाम की सूचना मिलने के बाद जगाधरी के एसडीएम विश्वनाथ मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। अधिकारियों की ओर से किसानों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत का आश्वासन दिया गया।
इसके बाद किसानों ने हाईवे से जाम हटा लिया। रिपोर्टों के अनुसार, राकेश टिकैत और किसान नेताओं ने प्रशासन को मांगों पर कार्रवाई के लिए एक सप्ताह का समय दिया।
एक सप्ताह में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
किसान नेताओं ने कहा कि अगर निर्धारित समय में उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन का फैसला लिया जा सकता है। राकेश टिकैत ने किसानों के मुद्दों के समाधान की मांग दोहराई।
यमुनानगर की महापंचायत में उठाए गए मुद्दों में धान खरीद, गन्ने का मूल्य, धान में नमी की सीमा, ट्रेड डील और किसानों की आर्थिक समस्याएं प्रमुख रहीं। अब किसानों की नजर प्रशासन और सरकार की ओर से होने वाली अगली कार्रवाई पर है।
