दिवाली के त्योहार से पहले अंबाला के वात्सल्य स्कूल फॉर स्पेशल चिल्ड्रन में दिवाली कार्निवल का आयोजन किया गया। इसमें विशेष बच्चों ने अपनी शिक्षिकाओं के साथ मिलकर हाथों से दिवाली कार्ड, दीये, मोमबत्तियां, शगुन के लिफाफे और पेपर बैग तैयार किए। बच्चों ने इन सामानों की प्रदर्शनी लगाई, जहां पहुंचकर आम लोगों ने उनकी बनाई चीजें खरीदीं। सामान की बिक्री से बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखने को मिला।
बच्चों ने अपने हाथों से तैयार किए दिवाली के सामान
वात्सल्य स्कूल में आयोजित दिवाली कार्निवल में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा देखने को मिली। बच्चों ने अपनी टीचर्स के सहयोग से दिवाली से जुड़ी कई तरह की उपयोगी और सजावटी चीजें तैयार कीं। प्रदर्शनी में दिवाली कार्ड, दीये, कैंडल्स, शगुन के लिफाफे और पेपर बैग रखे गए।
बच्चों ने बताया कि प्रदर्शनी में रखा गया सामान उन्होंने अपनी शिक्षिकाओं के साथ मिलकर बनाया है। जब लोगों ने उनकी बनाई चीजें खरीदीं तो बच्चों को काफी खुशी हुई।
बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना स्कूल का उद्देश्य: यशपाल
वात्सल्य स्कूल के प्रिंसिपल यशपाल ने बताया कि यह स्कूल विशेष बच्चों के लिए है। स्कूल का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में कोई न कोई खास खूबी होती है और स्कूल में उन खूबियों को निखारने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने बताया कि दिवाली कार्निवल के माध्यम से बच्चों को अपने हाथों से बनाई चीजें बेचने का अवसर मिला है। इससे उनका आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ता है। स्कूल का प्रयास है कि जब ये बच्चे पढ़ाई पूरी करके बाहर निकलें तो उनके पास अपनी आजीविका कमाने का विकल्प भी हो।
बच्चों का उत्साह देखकर खुशी हुई: अजय बवेजा
कैंटोनमेंट बोर्ड के सदस्य अजय बवेजा ने कहा कि विशेष बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दिवाली कार्निवल में बच्चों की खुशी और उत्साह देखकर उन्हें काफी प्रसन्नता हुई। उन्होंने भी बच्चों के हाथों से तैयार किया गया सामान खरीदा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास जारी: CEO
कैंटोनमेंट बोर्ड के CEO ने बताया कि बच्चों को बेहतर भविष्य और अच्छा मुकाम दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि बच्चे आत्मनिर्भर बनें और अपने पैरों पर खड़े होकर अपना भविष्य उज्ज्वल कर सकें।
