Thursday, October 8, 2026
अनिल विज नाना पाटेकर निधन

नाना पाटेकर के निधन पर अनिल विज ने जताया दुख, कांग्रेस के प्रदर्शन पर गांधी परिवार पर साधा निशाना

अंबाला: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने दुख जताया है। नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में गुरुवार को गोवा में निधन हो गया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। करीब 45 मिनट तक उन्हें CPR दिया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

नाना पाटेकर के निधन के साथ ही फिल्म जगत में शोक की लहर है। उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में करीब पांच दशक तक काम किया और अपने दमदार अभिनय तथा प्रभावशाली संवाद अदायगी के लिए अलग पहचान बनाई। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था।

अनिल विज ने कहा- नाना पाटेकर की अदायगी हमेशा याद रहेगी

अनिल विज ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री ने एक बेहद दमदार कलाकार खो दिया है। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने 100 से अधिक फिल्मों में काम किया और अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।

विज ने कहा कि नाना पाटेकर की अदायगी और उनके निभाए किरदार लंबे समय तक लोगों को याद रहेंगे। उनके निधन को उन्होंने फिल्म जगत के लिए बड़ी क्षति बताया।

विपक्ष के ED वाले आरोपों पर अनिल विज का पलटवार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और विपक्षी दलों की ओर से चुनावी राज्यों में ED की कार्रवाई को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी अनिल विज ने प्रतिक्रिया दी।

विज ने विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग, CBI और ED जैसी संस्थाएं अपना दायित्व निभा रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर कोई व्यक्ति गलत नहीं है तो उसे जांच एजेंसियों की कार्रवाई से डरने की जरूरत क्यों है।

विज का यह बयान विपक्ष की ओर से ED की कार्रवाई को लेकर लगाए जा रहे राजनीतिक आरोपों के जवाब में आया है। इन आरोपों और जवाबी दावों को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन पर विज का हमला

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन को लेकर भी अनिल विज ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने गांधी परिवार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है कि जो गांधी परिवार कभी “अर्श” पर हुआ करता था, आज “फर्श” पर है।

विज ने कहा कि राहुल गांधी को अगर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना है तो उन्हें मिलने का समय मांगना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी ने चुनाव आयुक्त से मुलाकात के लिए कोई आवेदन दिया था और क्या चुनाव आयोग ने मिलने से इनकार किया।

‘मिलने का अधिकार है, लेकिन समय तो मांगना चाहिए’

अनिल विज ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए वे भी चुनाव आयोग से समय लेकर मुलाकात करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को संवैधानिक संस्था के प्रमुख से मिलने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

विज ने कहा कि यदि राहुल गांधी ने मुलाकात के लिए समय मांगा और चुनाव आयुक्त ने मिलने से इनकार किया, तो आंदोलन करने का उनका अधिकार है। लेकिन यदि मुलाकात के लिए पत्र ही नहीं लिखा गया, तो फिर प्रदर्शन को लेकर सवाल उठते हैं।

‘गांधी परिवार के पोते-पोतियां आज सड़क पर’

अनिल विज ने अपने बयान में गांधी परिवार पर आगे भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जिस परिवार से मिलने के लिए कभी लोगों की पीढ़ियां निकल जाती थीं, उसी परिवार के पोते-पोतियां आज सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

विज ने इसे लोकतंत्र का उदाहरण बताते हुए कांग्रेस के आंदोलन की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल सांसदों और कांग्रेस नेताओं को लेकर भी तंज कसा।

चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष और सरकार आमने-सामने

CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहे हैं और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हाल के दिनों में दिल्ली समेत कई जगहों पर इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन हुए हैं।

वहीं, सरकार और भाजपा नेताओं की ओर से विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक मुद्दा बताते हुए जवाब दिया जा रहा है। अनिल विज का ताजा बयान भी इसी राजनीतिक विवाद के संदर्भ में सामने आया है।