Wednesday, October 7, 2026
फरीदाबाद सरकारी स्कूल में अभिभावकों का धरना

फरीदाबाद में सरकारी स्कूल के गेट पर अभिभावकों और बच्चों का धरना, बिना जानकारी शिफ्ट करने का आरोप

फरीदाबाद: फरीदाबाद के शाहपुर गांव स्थित सरकारी स्कूल के गेट पर अभिभावकों और छात्रों ने धरना देकर विरोध जताया। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन की ओर से उन्हें जानकारी दिए बिना बच्चों को मौजूदा स्कूल भवन से दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने इसी सरकारी स्कूल में अपने बच्चों का दाखिला कराया था, लेकिन अब बच्चों को करीब 4 किलोमीटर दूर दूसरी बिल्डिंग में भेजने की तैयारी की जा रही है।

बिना जानकारी बच्चों को दूसरी जगह भेजने का आरोप

धरने पर बैठे अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने बच्चों को दूसरी जगह शिफ्ट करने से पहले न तो उन्हें कोई जानकारी दी और न ही इस संबंध में अभिभावकों से कोई चर्चा की गई। अभिभावकों का कहना है कि यदि स्कूल के छात्रों को किसी दूसरे भवन में स्थानांतरित करना जरूरी था, तो उन्हें पहले इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी।

अभिभावकों के मुताबिक, बच्चों को मौजूदा स्कूल की बिल्डिंग से दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है, जो स्कूल से करीब 4 किलोमीटर दूर बताई जा रही है। अभिभावकों ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अचानक बच्चों को दूसरी जगह भेजना उनके लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

अभिभावकों का स्कूल प्रशासन पर मनमानी का आरोप

धरने पर बैठे अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बच्चों की पढ़ाई और स्कूल से जुड़े फैसलों में अभिभावकों को भी विश्वास में लिया जाना चाहिए। अभिभावकों का आरोप है कि उन्हें स्कूल में बच्चों को शिफ्ट किए जाने की प्रक्रिया के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

अभिभावकों ने स्कूल की प्रिंसिपल पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि प्रिंसिपल कथित तौर पर अपनी मनमानी चलाती हैं और अभिभावकों के साथ कथित रूप से ठीक तरीके से बातचीत नहीं करतीं। कुछ अभिभावकों ने प्रिंसिपल के रवैये को लेकर ‘तानाशाही’ या ‘डिक्टेटरशिप’ जैसे आरोप भी लगाए।

बच्चों के साथ धरने पर बैठे अभिभावक

विरोध के दौरान कई अभिभावक अपने बच्चों के साथ स्कूल गेट पर धरने पर बैठे। उनका कहना है कि जब उन्होंने बच्चों का दाखिला इस सरकारी स्कूल में कराया था, तो अब बिना उनकी जानकारी के बच्चों को दूसरी जगह भेजने का फैसला उचित नहीं है।

अभिभावकों ने मांग की है कि छात्रों को दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट करने से पहले पूरे मामले की जानकारी उन्हें दी जाए और उनकी समस्याओं को सुना जाए। फिलहाल अभिभावकों के विरोध के चलते स्कूल परिसर के बाहर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।