Wednesday, October 7, 2026
पलवल बिल्डिंग इंस्पेक्टर रिश्वत

पलवल में बिल्डिंग इंस्पेक्टर 25 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, मकान न गिराने के लिए मांगे थे 50 हजार

पलवल: हरियाणा के पलवल में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर परिषद पलवल में तैनात बिल्डिंग इंस्पेक्टर चिम्मन लाल तेवतिया को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने शिकायतकर्ता के मकान को गिराने की कार्रवाई नहीं करने के बदले कुल 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

मकान न गिराने के बदले मांगी थी 50 हजार रुपये की रिश्वत

पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता का मकान पलवल नगर परिषद की सीमा में है। बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने मकान की आगे की दीवार को प्लॉट की सीमा से बाहर बताते हुए इसे अतिक्रमण बताया था और कार्रवाई की बात कही थी।

आरोप है कि मकान को गिराने की कार्रवाई से बचाने के लिए इंस्पेक्टर ने शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो को दी, जिसके बाद टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की।

पहले 25 हजार लिए, दूसरी किस्त लेते रंगे हाथ पकड़ा

ACB के अनुसार आरोपी ने शिकायतकर्ता से पहले ही 25 हजार रुपये ले लिए थे। इसके बाद बाकी 25 हजार रुपये देने के लिए शिकायतकर्ता को बुलाया गया।

6 अक्टूबर को शिकायतकर्ता को नेशनल हाईवे-19 पर लघु सचिवालय के पास कुशलीपुर गांव के नजदीक बुलाया गया। शिकायतकर्ता के पहुंचने से पहले ही ACB की टीम मौके पर मौजूद थी।

जैसे ही बिल्डिंग इंस्पेक्टर चिम्मन लाल तेवतिया ने बाकी 25 हजार रुपये लिए, ACB टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। रिश्वत की रकम भी मौके से बरामद की गई।

इंस्पेक्टर राजकुमार के नेतृत्व में हुई ट्रैप कार्रवाई

पूरी कार्रवाई SV&ACB यूनिट पलवल के इंस्पेक्टर राजकुमार के नेतृत्व में की गई। ट्रैप के दौरान पशुपालन एवं डेयरी विभाग, पलवल के गजटेड अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह स्वतंत्र गवाह के तौर पर मौजूद रहे।

ACB के मुताबिक मामले में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया है और आरोपी से पूछताछ के साथ आगे की जांच की जा रही है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में FIR भी दर्ज की गई है।

2022 में भी 5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया था

ACB के अनुसार चिम्मन लाल तेवतिया इससे पहले भी रिश्वत के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2022 में नगर परिषद पलवल में बिल्डिंग इंस्पेक्टर रहते हुए उसे 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था।

पुराने मामले में आरोप था कि एक शोरूम की बिल्डिंग पर कार्रवाई नहीं करने और निर्माण से संबंधित मामले में राहत देने के बदले 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। बाद में कथित तौर पर 5 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।

8 मार्च 2022 को 5 लाख रुपये के साथ हुई थी गिरफ्तारी

पुराने मामले में उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक 8 मार्च 2022 को तत्कालीन विजिलेंस टीम ने चिम्मन लाल तेवतिया को 5 लाख रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता दलीप बिंदल ने मामले की शिकायत की थी।

बताया गया कि उस मामले में शोरूम का नक्शा जमा होने के बावजूद पास नहीं होने और निर्माण पर कार्रवाई नहीं करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था।

पुराने मामले में गवाहों के बयान दर्ज होने की जानकारी

शिकायतकर्ता के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद चिम्मन लाल तेवतिया करीब 9 महीने जेल में रहा था और जमानत मिलने के बाद दोबारा ड्यूटी पर लौट आया। पुराने मामले में फिलहाल गवाहों के बयान दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।

हालांकि, पुराने मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष क्या रहा, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है। इसलिए इससे जुड़े आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

आरोपी को अदालत में पेश करने की तैयारी

वर्तमान रिश्वत मामले में ACB ने आरोपी बिल्डिंग इंस्पेक्टर चिम्मन लाल तेवतिया को गिरफ्तार कर लिया है। अब उसे अदालत में पेश कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ACB की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि रिश्वत प्रकरण में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।