पार्षद से कथित अभद्रता को लेकर नीरज शर्मा ने उठाए सवाल, गुर्जर बोले- फरीदाबाद में बसे लोग अब हमारे अपने
फरीदाबाद। नगर निगम फरीदाबाद (MCF) के एक अधिकारी द्वारा एक पार्षद के साथ कथित गाली-गलौज का मामला अब राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बन गया है। मामले को लेकर पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता नीरज शर्मा ने सार्वजनिक मंच से अधिकारियों और भाजपा नेताओं पर सवाल उठाए।
वहीं, केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने नीरज शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार, पूर्वांचल और उत्तराखंड से फरीदाबाद तथा हरियाणा में आकर बसे लोगों को अपना बताया। दोनों नेताओं के बयानों के बाद मामले को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है।
नीरज शर्मा ने MCF अधिकारी पर कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल
नीरज शर्मा ने भाजपा नेताओं के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें बिहार और पूर्वांचल से आने वाले लोगों को ‘कलेजे का टुकड़ा’ बताया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि MCF के किसी अधिकारी द्वारा पार्षद के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई है, तो इस मामले में कार्रवाई और जवाबदेही को लेकर सवाल क्यों नहीं उठाए जा रहे।
उन्होंने कथित घटना का जिक्र करते हुए सार्वजनिक मंच से अपनी बात रखी। बयान में गाली-गलौज के शब्दों का उल्लेख किए जाने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया।
बयान के बाद नीरज शर्मा ने दी सफाई
नीरज शर्मा ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी व्यथा व्यक्त की है। उनका कहना था कि उनका सवाल कथित गाली-गलौज की घटना और उससे जुड़े जवाबदेही के मुद्दे को लेकर है।
[गाली-गलौज वाले बयान की वीडियो क्लिप यहां म्यूट रखें]
कृष्णपाल गुर्जर बोले- हम सब हिंदुस्तानी और हरियाणवी हैं
केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आकर फरीदाबाद और हरियाणा में बसे लोग अब उनके लिए प्रवासी या पूर्वांचली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोग हिंदुस्तानी और हरियाणवी हैं।
गुर्जर ने कहा कि बिहार, पूर्वांचल और उत्तराखंड से आने वाले लोग उनके लिए अपने और सगे भाइयों की तरह हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों की भागीदारी से आज जनप्रतिनिधि चुने जा रहे हैं और वह स्वयं सांसद हैं।
नीरज शर्मा पर कृष्णपाल गुर्जर का पलटवार
कृष्णपाल गुर्जर ने नीरज शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग हताश और निराश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने बिहार, पूर्वांचल और उत्तराखंड से आने वाले लोगों के लिए अच्छे काम नहीं किए, उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
गुर्जर के इस बयान को नीरज शर्मा की ओर से उठाए गए पूर्वांचली समाज और स्थानीय प्रशासन से जुड़े सवालों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, दोनों नेताओं के बयानों में किए गए राजनीतिक दावों को उनके अपने बयानों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
MCF मामले से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक मुद्दा
MCF अधिकारी और पार्षद के बीच कथित गाली-गलौज की घटना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बहस में बदलता नजर आ रहा है। एक तरफ नीरज शर्मा ने कथित घटना को लेकर कार्रवाई और जवाबदेही का सवाल उठाया है, वहीं कृष्णपाल गुर्जर ने फरीदाबाद में बसे बिहार, पूर्वांचल और उत्तराखंड के लोगों को अपना बताते हुए नीरज शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया दी है।
फरीदाबाद में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब कथित घटना में प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर भी नजर रहेगी।
