दो साल से था फरार, फिरौती और शूटर्स-हथियार उपलब्ध कराने के मामलों में पुलिस को थी तलाश
हरियाणा। करीब दो साल से पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहे इनामी बदमाश रवि उर्फ उच्चानी को हरियाणा STF ने मलेशिया से डिपोर्ट करवाकर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी विदेश में छिपकर रह रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए STF लगातार प्रयास कर रही थी। उपलब्ध रिपोर्ट में भी आरोपी के करीब दो साल से फरार रहने और मलेशिया से डिपोर्ट कर भारत लाए जाने की जानकारी सामने आई है।
मलेशिया से भारत लाकर STF ने किया गिरफ्तार
हरियाणा STF के मुताबिक, रवि उर्फ उच्चानी को मलेशिया से डिपोर्ट करवाने के बाद भारत लाया गया। इसके बाद STF ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके कथित आपराधिक नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
फिरौती मांगने और शूटर्स उपलब्ध कराने का आरोप
पुलिस के अनुसार, रवि उर्फ उच्चानी पर पहले से तीन मुकदमे दर्ज हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी का कथित तौर पर मुख्य काम फिरौती की रकम मांगना और आपराधिक वारदातों के लिए शूटर्स तथा हथियार उपलब्ध करवाना था।
पुलिस जांच में आरोपी का नाम एक कोयला व्यापारी से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में भी सामने आया है। इसके अलावा एक पूर्व विधायक से 3 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में भी उसकी कथित भूमिका बताई जा रही है।
कुरुक्षेत्र फायरिंग के लिए तीन पिस्टल और चार शूटर्स देने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, कुरुक्षेत्र में हुई फायरिंग की एक वारदात के लिए भी रवि उर्फ उच्चानी पर कथित तौर पर हथियार और शूटर उपलब्ध कराने का आरोप है।
जांच के अनुसार, आरोपी ने इस वारदात के लिए तीन पिस्टल और चार शूटर्स उपलब्ध करवाए थे। STF अब इस मामले में आरोपी की भूमिका और उसके संपर्कों की भी जांच कर रही है।
STF कर रही है आपराधिक नेटवर्क की जांच
गिरफ्तारी के बाद STF की पूछताछ में आरोपी से उसके पुराने मामलों, विदेश में रहने के दौरान संपर्कों और कथित आपराधिक नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रवि उर्फ उच्चानी के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे और पिछले समय में हुई किन अन्य वारदातों में उसकी कथित भूमिका रही है।
जांच के बाद सामने आएगी आगे की तस्वीर
रवि उर्फ उच्चानी की गिरफ्तारी के बाद अब STF की जांच का फोकस उसके कथित नेटवर्क, फिरौती से जुड़े मामलों और शूटर्स तथा हथियारों की सप्लाई से जुड़े संपर्कों पर है। पुलिस पूछताछ और आगे की जांच के आधार पर मामले में अन्य नाम सामने आने की संभावना पर भी काम कर रही है।
