अंबाला। जिला प्रशासन और नगर परिषद की सख्ती के बावजूद अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामला शहर में सामने आया, जहां पानी निकासी के लिए बनाए गए नालों के ऊपर ही रातों-रात 18 अवैध खोखे खड़े कर दिए गए।
प्रशासन द्वारा पूर्व में दी गई चेतावनियों के बावजूद अतिक्रमणकारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया। स्थिति गंभीर होने पर नगर परिषद ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।
बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं माने अतिक्रमणकारी
जानकारी के अनुसार, नगर परिषद और जिला प्रशासन की ओर से पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि किसी भी सरकारी भूमि, विशेषकर नालों और जल निकासी मार्गों पर अतिक्रमण न किया जाए।
इसके बावजूद अतिक्रमणकारियों ने रातों-रात मौके पर 18 खोखे बनाकर खड़े कर दिए। बताया जा रहा है कि इन खोखों के कारण पानी निकासी व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया था, जिससे बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या गंभीर हो सकती थी।
नगर परिषद की टीम ने संभाला मोर्चा
मामले की सूचना मिलते ही नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल अपनी टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पहले अतिक्रमणकारियों को स्वयं हटाने के लिए कहा, लेकिन जब उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की तो नगर परिषद ने सख्त रुख अपनाया।
जेसीबी से गिराए गए सभी खोखे
नगर परिषद की टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से एक-एक करके सभी 18 अवैध खोखों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध और बहस करने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने साफ कर दिया कि यह निर्माण पूरी तरह अवैध है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस बल की मौजूदगी के चलते कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कर ली गई।
जल निकासी पर था बड़ा खतरा
अधिकारियों के अनुसार, नालों के ऊपर किए गए इस अतिक्रमण से शहर की जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता था।
बरसात के मौसम में ऐसे अतिक्रमण जलभराव, गंदगी और बीमारियों को बढ़ावा दे सकते हैं। इसलिए प्रशासन ने इसे तुरंत हटाना जरूरी समझा।
EO का सख्त संदेश
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल ने बताया कि
“समय-समय पर लोगों को चेताया जाता है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण न करें, लेकिन इसके बावजूद नाले पर 18 खोखे खड़े कर दिए गए थे। इन्हें आज हटाया गया है और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी यदि कोई व्यक्ति सरकारी भूमि पर कब्जा करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
नगर परिषद ने संकेत दिए हैं कि शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और जल निकासी मार्गों को अवैध कब्जों से मुक्त कराना उनकी प्राथमिकता है।
इसके साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण न करें।
इस कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन अब अतिक्रमण के मामलों में कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। नालों पर अवैध कब्जा न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह शहर की बुनियादी व्यवस्था के लिए भी खतरा बन सकता है।
अब देखना होगा कि इस कार्रवाई के बाद अतिक्रमणकारियों पर कितना असर पड़ता है और क्या भविष्य में ऐसे मामलों में कमी आती है या नहीं।
