कैथल गांव बात्ता से गांव ब्राह्मणी रोड पर बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तारों में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से निकली चिंगारी ने करीब 20 एकड़ गेहूं की खड़ी फसल और 5 एकड़ फाने (अवशेष) को जलाकर राख कर दिया।
पछुआ हवाओं ने आग को बनाया विकराल
प्रत्यक्षदर्शी किसानों ने बताया कि दोपहर के समय अचानक तारों में जोरदार शॉर्ट सर्किट हुआ। फसल पूरी तरह सूखी होने के कारण आग ने चंद मिनटों में ही विकराल रूप धारण कर लिया। उस समय चल रही तेज पछुआ हवाओं ने आग की लपटों को और ज्यादा भड़का दिया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ट्रैक्टरों की मदद से घेरा बनाकर आग को रोकने का अथक प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए।
2 घंटे बाद पहुंची दमकल की गाड़ियां
सूचना मिलने के करीब दो घंटे बाद दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड की संयुक्त मदद से बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। लेकिन जब तक आग बुझती, तब तक किसान राजेश, जोगिंदर, सतेंद्र सिंह और बिट्टू की लाखों रुपये की फसल बर्बाद हो चुकी थी।
चारे का संकट: मायूसी के साए में किसान
किसान श्रीराम सैनी और सुभाष ने बताया कि इस हादसे ने न केवल उनके अनाज की उम्मीद तोड़ी है, बल्कि अब पशुओं के चारे (तूड़ी) का भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। फाने जलने के कारण अब उनके पास साल भर के लिए चारे का स्टॉक बनाने का कोई विकल्प नहीं बचा है।
मुआवजे की गुहार
प्रभावित किसानों और ग्रामीणों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर बिजली विभाग की ढिलाई का नतीजा है। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि तुरंत मौके का निरीक्षण कर विशेष गिरदावरी करवाई जाए और पीड़ित गरीब किसानों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा जल्द से जल्द जारी किया जाए।
