अंबाला छावनी: नगर परिषद अंबाला छावनी में सफाई व्यवस्था और कूड़ा उठान के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। 18 अप्रैल को कार्यकारी अधिकारी (EO) द्वारा किए गए औचक निरीक्षण की रिपोर्ट अब बड़ी कार्रवाई की ओर इशारा कर रही है। इस मामले में चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर (CSI) और संबंधित ठेकेदार की मिलीभगत और गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
निरीक्षण में खुली पोल: 24 में से 12 ट्रालियां ही मिलीं

नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल ने आगामी मानसून और टांगरी नदी में बाढ़ की आशंका को देखते हुए तैयारियों का जायजा लेने के लिए औचक ‘रनिंग निरीक्षण’ किया था। जांच के दौरान मौके पर सफाई का कूड़ा उठाने वाली 24 ट्रैक्टर-ट्रालियों में से केवल 12 ही मौजूद थीं, जबकि कागजों में सभी का संचालन दिखाया जा रहा था।
फर्जी हाजिरी और नंबर प्लेट का घोटाला
निरीक्षण के दौरान केवल ट्रालियां ही कम नहीं पाई गईं, बल्कि कई अन्य चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए:
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फर्जी हाजि
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री: कर्मचारियों की हाजिरी रजिस्टर में दर्ज थी, लेकिन मौके पर वे नदारद थे।
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चालकों का अता-पता नहीं: ट्रैक्टर चलाने वाले ड्राइवरों के नाम रिकॉर्ड में दर्ज नामों से अलग पाए गए।
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नंबर प्लेट का खेल: जांच में एक-दो ट्रैक्टर ट्रालियों पर अलग-अलग नंबर प्लेट लगी हुई भी पाई गईं, जो किसी बड़े फर्जीवाड़े की ओर संकेत करती हैं।
सुपरवाइजर के पास नहीं था कोई जवाब
मौके पर मौजूद सुपरवाइजर से जब इन कमियों के बारे में सवाल किए गए, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। ईओ देवेंद्र नरवाल के अनुसार, रिपोर्ट में साफ तौर पर चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर और ठेकेदार की लापरवाही और नियमों की अनदेखी को उजागर किया गया है।
ईओ का सख्त रुख: “लापरवाही बर्दाश्त नहीं”
कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल ने स्पष्ट किया:
“मानसून की तैयारियों को लेकर की गई जांच में भारी अनियमितताएं मिली हैं। कुछ ट्रैक्टरों पर फर्जी नंबर प्लेट और फर्जी हाजिरी का मामला बेहद गंभीर है। हमने विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।”
