Wednesday, July 29, 2026

UJJWAL DISHA: हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न, यमुनानगर में आधे से अधिक परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित

यमुनानगर, —
हरियाणा सिविल सेवा (HCS) की परीक्षा रविवार को प्रदेशभर में दो चरणों में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। परीक्षा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी की आशंका को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

यमुनानगर जिले में भी परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा से गैरहाजिर रहे।

जिला प्रशासन के अनुसार, यमुनानगर में कुल 5520 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, लेकिन इनमें से 2494 परीक्षार्थी पहले चरण की परीक्षा में अनुपस्थित रहे। यह संख्या कुल परीक्षार्थियों का एक बड़ा हिस्सा है।


दो चरणों में आयोजित हुई परीक्षा

हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा दो चरणों में आयोजित की गई।

  • पहला चरण: सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक
  • दूसरा चरण (CSAT): दोपहर बाद आयोजित

पहले चरण में सामान्य अध्ययन से जुड़े प्रश्न पूछे गए, जबकि दूसरे चरण में सीसेट (CSAT) की परीक्षा हुई, जो क्वालिफाइंग प्रकृति की होती है।


सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।

जिला उपायुक्त प्रीति और पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल सहित सभी डीएसपी, थाना प्रभारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी परीक्षा केंद्रों पर तैनात रहे।

हर केंद्र पर अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया गया।


उपायुक्त का बयान

उपायुक्त प्रीति ने जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

बाइट – उपायुक्त प्रीति:
“यमुनानगर में कुल 5520 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी, जिनमें से 2494 परीक्षार्थी पहले चरण में उपस्थित नहीं हुए। प्रशासन की ओर से सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।”


अभ्यर्थियों ने बताया—पेपर रहा कठिन

पहले चरण की परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने पेपर को कठिन बताया।

उनका कहना था कि इस बार प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण रहा और कई प्रश्नों के उत्तर देने के लिए गहरी तैयारी की आवश्यकता थी।

“पेपर काफी मुश्किल था। कई प्रश्न सीधे नहीं थे और सोच-समझकर जवाब देना पड़ा,” एक परीक्षार्थी ने कहा।


नेगेटिव मार्किंग ने बढ़ाई चुनौती

अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी लागू थी, जिससे उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।

चार गलत उत्तर देने पर एक अंक काटे जाने का प्रावधान होने के कारण कई छात्रों ने केवल उन्हीं प्रश्नों के उत्तर दिए, जिनमें उन्हें पूरा विश्वास था।

इससे परीक्षा का स्तर और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।


हरियाणा आधारित प्रश्नों की अधिकता

परीक्षार्थियों के अनुसार, इस बार के प्रश्नपत्र में हरियाणा से संबंधित प्रश्नों की संख्या अधिक थी।

हालांकि अन्य राज्यों से जुड़े प्रश्न भी पूछे गए, जिनमें केरल जैसे राज्यों से संबंधित सवाल शामिल थे।

इससे परीक्षा का दायरा व्यापक और विविधतापूर्ण नजर आया।


CSAT परीक्षा पर टिकी उम्मीदें

दूसरे चरण की सीसेट (CSAT) परीक्षा को लेकर भी अभ्यर्थियों में खासा उत्साह रहा।

अभ्यर्थियों का कहना है कि यह परीक्षा क्वालिफाइंग होती है और इसे पास करना अनिवार्य है।

“अगर CSAT क्वालिफाई नहीं किया, तो पहले पेपर के नंबर नहीं जुड़ेंगे, इसलिए यह बेहद महत्वपूर्ण है,” एक अन्य अभ्यर्थी ने बताया।


अनुपस्थिति पर उठे सवाल

यमुनानगर में करीब 2494 परीक्षार्थियों के अनुपस्थित रहने से यह सवाल भी उठ रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा से दूर क्यों रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार तैयारी अधूरी रहने, परीक्षा केंद्र की दूरी या अन्य व्यक्तिगत कारणों से अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते।

हालांकि यह आंकड़ा प्रशासन और परीक्षा एजेंसियों के लिए भी विश्लेषण का विषय बन सकता है।


शांतिपूर्ण रहा आयोजन

पूरे जिले में परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।

किसी भी परीक्षा केंद्र से नकल या अव्यवस्था की कोई बड़ी शिकायत सामने नहीं आई, जिससे प्रशासन की तैयारियों को सफल माना जा रहा है।