अंबाला। बढ़ती गर्मी और महंगाई के बीच अब लोग राहत के लिए पुराने देसी तरीकों की ओर लौटते नजर आ रहे हैं। जहां एक ओर तापमान लगातार बढ़ रहा है और हीट वेव के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है, वहीं ठंडा पानी पाने के लिए मिट्टी के घड़े और सुराही फिर से लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
फ्रिज महंगा, मटका सस्ता और सेहतमंद
बढ़ती महंगाई के चलते हर किसी के लिए फ्रिज खरीदना आसान नहीं है। ऐसे में लोग मिट्टी से बने घड़े और सुराही की ओर रुख कर रहे हैं। लोगों का मानना है कि मटके का पानी न केवल प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है, बल्कि फ्रिज के पानी के मुकाबले सेहत के लिए भी ज्यादा फायदेमंद होता है।
बाजारों में बढ़ी खरीदारी
स्थानीय बाजारों में इन दिनों मिट्टी के घड़े और कैंपर की खरीदारी बढ़ गई है। ग्राहकों का कहना है कि मटके का पानी हर समय ठंडा रहता है और इसमें बिजली का कोई खर्च नहीं होता। खासकर बुजुर्ग लोग फ्रिज के ठंडे पानी से बचने के लिए मटका खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
नए डिजाइन में घड़े और कैंपर
समय के साथ कुम्हारों ने भी अपने उत्पादों में बदलाव किया है। अब बाजार में ऐसे घड़े और मिट्टी के कैंपर उपलब्ध हैं, जिनमें नल (टूटी) लगी होती है, जिससे पानी निकालना आसान हो गया है। यह नए डिजाइन ग्राहकों को काफी आकर्षित कर रहे हैं।
कुम्हारों को मिल रहा फायदा
मिट्टी के बर्तन बेचने वाले कुम्हारों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ उनकी बिक्री में भी इजाफा हुआ है। वे पंजाब और राजस्थान से भी घड़े मंगवाकर बेच रहे हैं। उनका कहना है कि लोग लगातार मटके और मिट्टी के कैंपर खरीदने आ रहे हैं।
मौसम में उतार-चढ़ाव, फिर भी गर्मी का असर
हालांकि पिछले दो दिनों में मौसम में कुछ ठंडक आई है, लेकिन गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। ऐसे में मटके का ठंडा और प्राकृतिक पानी लोगों को राहत दे रहा है।
