कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने की शिरकत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भक्तिमय हुआ माहौल
अंबाला। अंबाला के ऐतिहासिक एवं प्राचीन हाथीखाना मंदिर में सोमवार को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक वातावरण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और देश की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित संदेशों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम में अंबाला के उपायुक्त, अंबाला कैंट के एसडीएम सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था और पूरे कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक गौरव की झलक देखने को मिली।
मंदिर में हुआ सम्मान समारोह
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने मंदिर के पुजारी को शॉल भेंट कर सम्मानित किया और उनके चरणों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद लिया। वहीं अंबाला उपायुक्त की ओर से मंत्री अनिल विज को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों और सांस्कृतिक संस्थाओं के बच्चों ने देशभक्ति और धार्मिक विषयों पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम से प्रभावित होकर मंत्री अनिल विज ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को अपने निजी कोष से 21-21 हजार रुपये देकर सम्मानित किया।
‘सोमनाथ भारत की अटूट आस्था का प्रतीक’ : अनिल विज
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की अटूट आस्था, सांस्कृतिक गौरव और पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व आने वाली पीढ़ियों को अपनी सभ्यता, संस्कृति और विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि देश ने कठिन संघर्षों के बाद अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को पुनर्जीवित किया है और सोमनाथ मंदिर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। विज ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मंदिरों में जाकर नतमस्तक होते हैं और भारतीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य कर रहे हैं।
75 वर्ष पूरे होने पर विशेष आयोजन
अनिल विज ने अपने संबोधन में कहा कि 11 मई 1951 को सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी। अब इस ऐतिहासिक घटना के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं और इसी उपलक्ष्य में पूरे देश में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देशभर में इस गौरवपूर्ण अवसर को श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है, उसी कड़ी में अंबाला के प्राचीन हाथीखाना मंदिर में भी यह आयोजन किया गया है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
कार्यक्रम में प्रस्तुत भजन, देशभक्ति गीत और धार्मिक नृत्य प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। बच्चों ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं पर आधारित प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने पूजा-अर्चना कर देश और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं ने भारत की सांस्कृतिक एकता और धार्मिक विरासत को सहेजने का संकल्प लिया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति आज भी लोगों को एक सूत्र में बांधने का कार्य कर रही है।
