समाधान शिविर में पहुंचकर निष्पक्ष जांच की मांग, एक करोड़ रुपये से अधिक के गबन का आरोप
पलवल। जिले के गांव मरौली में पंचायत फंड में कथित घोटाले को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने सरपंच पर विकास कार्यों के नाम पर एक करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में पहुंचकर शिकायत दी। शिकायतकर्ताओं में रवि कुमार, धर्मपाल और प्रेम कुमार सहित कई ग्रामीण शामिल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के वर्तमान सरपंच महेश कुमार ने पंचायत फंड का दुरुपयोग करते हुए फर्जी तरीके से भुगतान निकलवाए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2018 में तत्कालीन सरपंच अशोक कुमार द्वारा एक रास्ते का निर्माण कराया गया था, जिसकी फोटो पोर्टल पर अपलोड की गई थी। आरोप है कि वर्तमान सरपंच महेश कुमार ने उसी फोटो को तीन बार अपलोड कर करीब 26 लाख रुपये बिना निर्माण कार्य कराए निकलवा लिए।
इसके अलावा ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत फंड से 22 लाख रुपये पेड़ लगाने के नाम पर खर्च दिखाए गए, जबकि धरातल पर 22 पेड़ भी दिखाई नहीं देते। शिकायत में यह भी कहा गया कि गांव की सहीराम वाली जोहड़ की करीब तीन एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा किया गया तथा अन्य जोहड़ों से मिट्टी उठवाकर उसकी बिक्री कर दी गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच पहले बीडीपीओ कार्यालय में डीसी रेट पर कार्यरत था और इसी प्रभाव के चलते उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत जिला उपायुक्त और मुख्यमंत्री दरबार में भी दी जा चुकी है।
ग्रामीणों की शिकायत पर Belina Lohan ने संज्ञान लेते हुए बीडीपीओ को गांव में जाकर मामले की जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
अब ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई है और वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
