ऑनलाइन शॉपिंग के इस दौर में अब दवाइयों की बिक्री भी मोबाइल स्क्रीन तक पहुंच चुकी है। लेकिन यही सुविधा अब देशभर के केमिस्टों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में आज देशभर में केमिस्टों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। अंबाला में भी विभिन्न केमिस्ट एसोसिएशनों ने ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ जोरदार विरोध जताया और सरकार से इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की।सरकारी नियमों के मुताबिक कई दवाइयां बिना डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के नहीं बेची जा सकतीं। मेडिकल स्टोर संचालकों को हर दवा का रिकॉर्ड रखना पड़ता है और नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है।
लेकिन बदलते डिजिटल दौर में अब लोग घर बैठे मोबाइल ऐप और वेबसाइटों के जरिए आसानी से दवाइयां ऑर्डर कर रहे हैं। केमिस्टों का आरोप है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना सही जांच के दवाइयां उपलब्ध करा रहे हैं। इतना ही नहीं, प्रतिबंधित और संवेदनशील दवाएं भी ऑनलाइन आसानी से मिल रही हैं, जो लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।
ऑफलाइन दवा विक्रेताओं का कहना है कि जहां उन्हें सरकार के सख्त नियमों का पालन करना पड़ता है, वहीं ऑनलाइन फार्मेसी पर वैसी निगरानी दिखाई नहीं देती। यही वजह है कि पारंपरिक मेडिकल स्टोर का कारोबार भी लगातार प्रभावित हो रहा है।
इसी नाराजगी के चलते आज अंबाला में मेडिकल स्टोर बंद रहे और केमिस्टों ने विरोध प्रदर्शन कर सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने की मांग उठाई।
दुकानदारों का कहना है कि दवा कोई सामान्य उत्पाद नहीं, बल्कि सीधे लोगों की जिंदगी और स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। ऐसे में बिना उचित निगरानी के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री भविष्य में जानलेवा साबित हो सकती है।
