फार्मासिस्ट पर प्राइवेट युवक से ड्यूटी करवाने का आरोप, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां तैनात एक फार्मासिस्ट पर अपनी जगह एक प्राइवेट व्यक्ति से ड्यूटी करवाने के आरोप लगे हैं। मामला उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार सरकारी अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट ब्रजेश यादव खुद ड्यूटी करने की बजाय देवेश नामक एक निजी व्यक्ति से फार्मेसी का काम करवा रहा था। मरीजों को दवाई देने जैसे संवेदनशील कार्य में एक गैर-सरकारी व्यक्ति की तैनाती को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि अस्पताल में फार्मासिस्ट की दो पोस्ट स्वीकृत हैं। इनमें से एक महिला कर्मचारी सीसीएल लीव पर है, जबकि दूसरी पोस्ट पर तैनात फार्मासिस्ट नियमित रूप से ड्यूटी नहीं कर रहा था। ऐसे में दवाइयां वितरित करने का पूरा काम प्राइवेट व्यक्ति के भरोसे चलाया जा रहा था।
मरीजों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी मरीज को गलत दवाई दे दी जाती या कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है।
इस मामले में सरकारी अस्पताल बल्लभगढ़ के एसएमओ डॉ. टीसी गिडवाल ने बताया कि जांच में आरोप सही पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित फार्मासिस्ट द्वारा एक निजी व्यक्ति को फार्मेसी में रखा गया था, जो कि गंभीर लापरवाही है और इससे विभाग व सरकार की छवि खराब हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित फार्मासिस्ट के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है और अब दोबारा मामला सामने आने पर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
वहीं, फार्मासिस्ट ब्रजेश यादव द्वारा रखे गए युवक देवेश ने भी स्वीकार किया कि उसे सरकार ने नहीं बल्कि ब्रजेश यादव ने काम पर रखा था। इसके अलावा फार्मेसी में AIIMS की तरफ से तैनात फार्मासिस्ट राम ने भी कहा कि ब्रजेश यादव कभी-कभी ही अस्पताल आता है और उसी ने निजी युवक को दवाई वितरण के काम में लगाया हुआ था।
अब इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
