जानवरों को राहत देने के लिए कूलर और फव्वारा सिस्टम की व्यवस्था, पर्यटकों की संख्या घटी
उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप का असर अब बेजुबान जानवरों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कुरुक्षेत्र स्थित पीपली मिनी जू में गर्मी के कारण जहां जानवरों को विशेष देखभाल दी जा रही है, वहीं पर्यटकों की संख्या में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है।
वन्य प्राणी निरीक्षक देवेंद्र कुमार ने बताया कि पीपली मिनी जू में इस समय 14 प्रजातियों के कुल 74 जानवर मौजूद हैं। बढ़ती गर्मी से जानवरों को बचाने के लिए जू प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं। जानवरों के बाड़ों में एग्रोनेट, कूलर और फव्वारा सिस्टम लगाए गए हैं ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके।
उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए जानवरों के खानपान में भी बदलाव किया गया है। काले हिरण और सांभर को मिक्स मिनरल दिया जा रहा है, जबकि लंगूर और पक्षियों को तरबूज और खीरा जैसे ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थ खिलाए जा रहे हैं।
गर्मी का असर पर्यटकों की संख्या पर भी देखने को मिल रहा है। जहां सामान्य दिनों में प्रतिदिन 800 से 1000 पर्यटक जू पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर करीब 200 से 250 रह गई है।
जू प्रशासन का कहना है कि जानवरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि भीषण गर्मी के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
