Friday, May 29, 2026

UJJWAL DISHA: अंबाला छावनी में मिला “श्री राम” अंकित पत्थर, पानी में तैरने का दावा; लोगों में कौतूहल और आस्था

प्राचीन शिव मंदिर की खुदाई के दौरान मिला करीब 12 किलो वजनी पत्थर, देखने उमड़ी भीड़

अंबाला छावनी। अंबाला छावनी में मंगलवार को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने लोगों को हैरानी और आस्था—दोनों से भर दिया। शहर के एक प्राचीन शिव मंदिर परिसर में चल रही खुदाई के दौरान एक विशेष पत्थर मिलने का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि इस पत्थर पर “श्री राम” अंकित है और इसका वजन करीब 12 किलो है।

घटना उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब स्थानीय लोगों ने इस पत्थर को पानी से भरे ड्रम में डालकर देखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भारी वजन होने के बावजूद पत्थर पानी में डूबने की बजाय तैरने लगा। यह दृश्य देखने के लिए मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई।

खुदाई के दौरान मिला पत्थर

जानकारी के अनुसार मंदिर परिसर में मरम्मत और सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान मजदूरों को जमीन के भीतर से एक बड़ा पत्थर मिला। साफ-सफाई करने पर उस पर “श्री राम” लिखा दिखाई दिया। खबर फैलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे।

स्थानीय श्रद्धालुओं ने इसे आस्था और चमत्कार से जोड़ते हुए पूजा-अर्चना शुरू कर दी। कुछ लोगों ने पत्थर पर फूल चढ़ाए और भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए।

पानी में तैरने का दावा

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार पत्थर को जब पानी से भरे बड़े ड्रम में डाला गया तो वह डूबने के बजाय पानी की सतह पर तैरता दिखाई दिया। इसके बाद यह खबर तेजी से पूरे इलाके में फैल गई।

कई लोगों ने इस घटना को रामायण काल से जोड़ते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के नाम से पत्थर समुद्र पर तैरते थे और उसी प्रकार यह पत्थर भी पानी में तैर रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह किसी दिव्य शक्ति का संकेत हो सकता है।

मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

घटना की सूचना मिलते ही मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पत्थर को देखने पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु इसे चमत्कार मानकर पूजा कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे दुर्लभ प्राकृतिक घटना बता रहे हैं।

मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि फिलहाल पत्थर को सुरक्षित रखा गया है। लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई है।

वैज्ञानिक जांच की उठी मांग

हालांकि इस घटना को लेकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोगों का मानना है कि यह किसी विशेष प्रकार का पत्थर हो सकता है, जिसकी संरचना में हवा के सूक्ष्म छिद्र होने के कारण वह पानी में तैर रहा हो।

विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया में कुछ प्रकार के ज्वालामुखीय पत्थर, जैसे प्यूमिस स्टोन, पानी पर तैर सकते हैं क्योंकि उनमें हवा भरी होती है और उनका घनत्व पानी से कम होता है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और भूवैज्ञानिक विशेषज्ञों से इस पत्थर की वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है ताकि इसकी वास्तविकता सामने आ सके।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई घटना

पत्थर के पानी में तैरने का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कोई इसे आस्था का प्रतीक बता रहा है तो कोई वैज्ञानिक जांच की आवश्यकता पर जोर दे रहा है।

फिलहाल यह घटना पूरे अंबाला छावनी क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। लोग बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचकर इस अनोखे पत्थर को देखने और उसके बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं।

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *