कुरुक्षेत्र। हरियाणा राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेनू भाटिया के इस्तीफे के बाद प्रदेशभर में चल रहा नर्सिंग स्टाफ का विरोध प्रदर्शन और हड़ताल समाप्त हो गई है। हरियाणा स्टाफ नर्स एसोसिएशन ने अपनी प्रमुख मांग पूरी होने का हवाला देते हुए आंदोलन वापस लेने की घोषणा की है। इसके साथ ही अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर सामान्य रूप से शुरू हो गई हैं।
हालांकि, विवाद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्स अनिता ने स्पष्ट किया है कि केवल इस्तीफा देना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान रेनू भाटिया द्वारा की गई टिप्पणियों से न केवल उनका, बल्कि पूरे नर्सिंग समुदाय का अपमान हुआ है। इसलिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
मीडिया से बातचीत में अनिता ने कहा कि अस्पताल में भर्ती प्रत्येक महिला मरीज, विशेषकर किसी अपराध की पीड़िता, उनके लिए बेटी के समान होती है। उन्होंने कहा कि मरीजों की देखभाल करना नर्सिंग स्टाफ का कर्तव्य और मानवीय जिम्मेदारी है। ऐसे में पूरे नर्सिंग स्टाफ की संवेदनशीलता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था।
गौरतलब है कि हाल ही में कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में एक बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के मामले के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया अस्पताल पहुंची थीं। इस दौरान एक स्टाफ नर्स के साथ हुई उनकी बातचीत और टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। नर्सिंग कर्मचारियों ने इसे अपमानजनक बताते हुए प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन और हड़ताल शुरू कर दी थी।
विवाद बढ़ने के बाद रेनू भाटिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद हरियाणा स्टाफ नर्स एसोसिएशन ने हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया। हालांकि कई नर्सिंग संगठनों और कर्मचारियों का कहना है कि मामले में केवल इस्तीफा ही पर्याप्त नहीं है और संबंधित टिप्पणियों को लेकर कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए।
ऐसे में रेनू भाटिया के इस्तीफे के बावजूद यह मामला अभी पूरी तरह शांत होता दिखाई नहीं दे रहा है। नर्सिंग कर्मियों की ओर से एफआईआर दर्ज करने की मांग लगातार उठाई जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा फिर चर्चा का विषय बन सकता है।
