अंबाला। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा संभावित समझौते को सकारात्मक बताते हुए कहा कि युद्ध के बजाय बातचीत और समझौते से समाधान निकलना बेहतर है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों देशों के बीच समझौता होता है तो इसका लाभ भारत को भी मिलेगा।
अनिल विज ने कहा कि अभी तक जो संकेत सामने आ रहे हैं, उनके अनुसार समझौते की संभावना बन रही है। यदि स्थिति सामान्य होती है और व्यापारिक मार्ग सुचारु रूप से संचालित होने लगते हैं तो भारत के लिए भी यह लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए इस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम आयात करता है और किसी भी प्रकार के संघर्ष का असर आपूर्ति तथा कीमतों पर पड़ता है।
SIR प्रक्रिया का किया समर्थन
वहीं, हरियाणा में शुरू हुई एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर भी कैबिनेट मंत्री ने अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का समय-समय पर पुनरीक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है।
विज ने कहा कि वर्ष 2002 के बाद अनेक मतदाताओं का निधन हो चुका होगा, लेकिन कई मामलों में उनके नाम अब भी मतदाता सूची में दर्ज हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ ऐसे नाम भी सूची में शामिल हो सकते हैं जो पात्र मतदाता नहीं हैं। ऐसे में मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग को संविधान के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अधिकार प्राप्त है और निष्पक्ष तथा स्वच्छ लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सही और अद्यतन मतदाता सूची होना अत्यंत आवश्यक है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मतदाता सूची में केवल पात्र मतदाताओं के नाम ही शामिल हों और किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।
