पंचकूला, 14 जून। हरियाणा राज्य महिला आयोग के मुख्यालय, पंचकूला में नवनियुक्त अध्यक्ष ऊषा प्रियदर्शिनी, उपाध्यक्ष मीना परमार तथा आयोग के पांच सदस्यों ने विधिवत रूप से अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर हरियाणा भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडौली और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद आयोग की अध्यक्ष ऊषा प्रियदर्शिनी ने कहा कि महिलाओं के साथ होने वाले अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ आयोग मजबूती से आवाज उठाएगा तथा पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि आयोग के समक्ष अपनी समस्याएं लेकर आने वाली महिलाओं की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाएगा ताकि वे संतुष्टि और विश्वास के साथ वापस लौट सकें।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कामकाजी महिलाओं पर सामाजिक और पारिवारिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आयोग विभिन्न वर्गों की महिलाओं के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाएगा।
ऊषा प्रियदर्शिनी ने कहा कि समाज में प्रतिष्ठा, बदनामी के भय और पारिवारिक दबाव के कारण अनेक महिलाएं उत्पीड़न के मामलों में खुलकर आवाज नहीं उठा पातीं। उनका उद्देश्य महिलाओं के मन से भय को दूर कर उनमें आत्मविश्वास और स्वाभिमान की भावना विकसित करना है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर अन्याय के खिलाफ खड़ी हो सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि आयोग को पूर्व अध्यक्ष रेनू भाटिया के अनुभवों का लाभ मिलेगा, जिससे महिला हितों से जुड़े कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य लोगों ने नवनियुक्त टीम को शुभकामनाएं देते हुए महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
