Wednesday, July 29, 2026

Electricity Department: क्या हरियाणा में अब विद्युत विभाग रेहड़ी पर चलेगा?

आधुनिकरण के दौर में पुराने संसाधनों पर निर्भर विभाग

अंबाला में बिजली विभाग (Electricity Department) की कार्यप्रणाली को लेकर कर्मचारियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आधुनिकरण के इस दौर में भी यदि कोई विभाग 20 साल पुराने संसाधनों के सहारे काम करने को मजबूर है, तो उसके बुनियादी ढांचे की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। इसी मुद्दे को लेकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन (protest) किया और विभाग में संसाधनों की कमी के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें

हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के पास विद्युत विभाग (Electricity Department) का जिम्मा आने के बाद विभाग में सुधार के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। हालांकि, कर्मचारियों का आरोप है कि उच्च अधिकारियों की लापरवाही और अनदेखी के कारण विभाग की ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल (viral) होकर विभाग की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जमीनी स्तर पर सुविधाओं की कमी अब गंभीर समस्या बन चुकी है।

कर्मचारियों ने गिनाईं विभाग की खामियां

अंबाला में हरियाणा विद्युत विभाग (Electricity Department) के कर्मचारियों ने प्रदर्शन (protest) के दौरान विभाग में मौजूद कई कमियों को उजागर किया। उन्होंने मांग की कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने और कर्मचारियों के कार्य को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक संसाधन तत्काल उपलब्ध करवाए जाएं।

नए क्षेत्र के लिए नहीं मिली बुनियादी सुविधाएं

सब यूनिट नंबर-2 के प्रधान बलवंत यादव ने बताया कि कुछ समय पहले इंडस्ट्रियल एरिया (Industrial Area) का एक हिस्सा माइग्रेट होकर उनके सब डिवीजन नंबर-2 के अधीन आ गया था। इस क्षेत्र में 8 से 9 गांव शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र का दायरा बढ़ने के बावजूद एसडीओ (SDO) स्तर पर न तो कोई अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराया गया और न ही अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई। इसके अलावा उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए कोई नया शिकायत केंद्र भी स्थापित नहीं किया गया।

शिकायतों में देरी की जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी

कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि संसाधनों की कमी के चलते यदि संबंधित क्षेत्रों में बिजली संबंधी शिकायतों के समाधान में देरी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग के आला अधिकारियों की होगी। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संसाधनों के बिना कर्मचारियों से बेहतर सेवाओं की अपेक्षा करना व्यावहारिक नहीं है।