भोपाल।
भोपाल में अटल आवास योजना के तहत फ्लैट दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। टीटी नगर थाना पुलिस ने इस मामले में भोपाल निवासी प्रवीण उर्फ प्रमिला तिवारी और रायसेन निवासी पवन शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि गिरोह ने कई लोगों को सरकारी योजना में फ्लैट दिलाने का लालच देकर ठगी की है।
पुलिस के अनुसार अब तक इस मामले में तीन से चार शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जबकि जांच आगे बढ़ने के साथ और पीड़ितों के सामने आने की संभावना है।
फ्लैट दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी
टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, कोटरा सुल्तानाबाद निवासी प्रतीक सोनी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रमिला तिवारी ने अटल आवास योजना में फ्लैट दिलाने का झांसा देकर उससे 1.80 लाख रुपए ठग लिए।
शिकायतकर्ता के अनुसार तीन वर्ष पहले नगर निगम कार्यालय में उसकी मुलाकात प्रमिला तिवारी से हुई थी। आरोपी ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए फ्लैट दिलाने का भरोसा दिलाया और 1.50 लाख रुपए नकद तथा 30 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। बदले में उसे फर्जी रसीदें थमा दी गईं।
जब पीड़ित ने नगर निगम कार्यालय में दस्तावेजों की जांच कराई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।
गिरोह में कई और लोगों के शामिल होने की आशंका
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह कोई अकेली वारदात नहीं है। पूछताछ के आधार पर रायसेन निवासी पवन शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस जल्द ही अन्य आरोपियों को हिरासत में लेकर पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सकती है।
DSP पर चोरी का आरोप लगाने वाली महिला निकली आरोपी
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरफ्तार आरोपी प्रमिला तिवारी वही महिला है जिसने सितंबर 2025 में भोपाल की तत्कालीन कार्यवाहक डीएसपी कल्पना रघुवंशी पर चोरी का आरोप लगाया था।
महिला ने दावा किया था कि उसके घर से 2 लाख रुपए नकद और मोबाइल फोन चोरी हो गया था। उस समय पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामला दर्ज किया था और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी।
अब अटल आवास फ्लैट ठगी मामले में प्रमिला तिवारी की गिरफ्तारी के बाद कई पुराने मामलों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस रिमांड बढ़ाने की तैयारी
पुलिस के अनुसार प्रमिला तिवारी की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उसे दोबारा कोर्ट में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड मांगी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग जुटाने के लिए पूछताछ जारी है।
