फरीदाबाद। नीमका जेल में बंद कैदी रंकित भड़ाना की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। रंकित को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर शुक्रवार को फरीदाबाद में बड़ा मशाल जुलूस निकाला गया। इस प्रदर्शन में परिजनों, ग्रामीणों, समाजसेवियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
नीलम चौक से बीके चौक तक निकाले गए इस मशाल जुलूस का नेतृत्व समाजसेवी संदीप चौधरी और गौ रक्षा बजरंग फोर्स के अध्यक्ष बिट्टू बजरंगी ने किया। प्रदर्शनकारियों ने रंकित भड़ाना की मौत की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
11 महीने से जेल में बंद था रंकित
जानकारी के अनुसार रंकित भड़ाना पिछले लगभग 11 महीनों से मारपीट के एक मामले में नीमका जेल में बंद था। जेल के भीतर हुई उसकी संदिग्ध मौत के बाद परिवार और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रंकित को जेल में लगातार प्रताड़ित किया जाता था।
डिप्टी जेलर पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन, विशेषकर डिप्टी जेलर साजिद खान की भूमिका संदिग्ध है। उनका दावा है कि इस संबंध में एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई थी, जिसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी जेलर को तत्काल बर्खास्त करने और पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल
मशाल जुलूस के दौरान लोगों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि रंकित की मौत के बाद अब तक कोई मंत्री, विधायक या जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते मामले में कार्रवाई प्रभावित हो रही है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर राज्य और केंद्र सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे।
सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों का कहना है कि रंकित भड़ाना को न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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