Wednesday, July 29, 2026
यमुनानगर 76 कॉलोनियां नियमित

यमुनानगर की 76 कॉलोनियां फिर होंगी नियमित, कांग्रेस ने उठाए सवाल

यमुनानगर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा यमुनानगर और जगाधरी क्षेत्र की 76 कॉलोनियों को दोबारा नियमित किए जाने की घोषणा के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के इस फैसले का जहां क्षेत्रीय विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया है, वहीं कांग्रेस ने इस पूरे मामले की जांच की मांग उठाई है।

जानकारी के अनुसार, नगर परिषद यमुनानगर और जगाधरी नगर परिषद (अब नगर निगम) की 76 कॉलोनियां वर्ष 1996 में नियमित की गई थीं। इसके बावजूद बाद में इन कॉलोनियों को पोर्टल पर अनियमित और अवैध श्रेणी में दिखाया जाने लगा, जिससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

इन कॉलोनियों में कई ऐसी बस्तियां भी शामिल हैं, जिन्हें बसे हुए 50 वर्ष से अधिक समय हो चुका है। लोगों का आरोप है कि पोर्टल पर एक ही कॉलोनी में कुछ मकानों को अप्रूव्ड और कुछ को अनअप्रूव्ड दिखाया गया, जिससे संपत्ति की खरीद-फरोख्त और विकास कार्य प्रभावित हुए।

इस मुद्दे को लगातार विभिन्न जनसुनवाई और जिला कष्ट निवारण समिति की बैठकों में उठाया जाता रहा। इससे पहले मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने मामले की जांच के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे। वहीं, कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने भी मामले को गंभीर बताते हुए जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे।

यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया था। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात कर कॉलोनियों को नियमित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद क्षेत्र के लोगों और विभिन्न वेलफेयर संगठनों ने राहत की सांस ली है।

 

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लोगों का कहना है कि कॉलोनियों के दोबारा नियमित होने से रुके हुए विकास कार्यों को गति मिलेगी और हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

वहीं, जिला शहरी कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 1996 में नियमित की गई कॉलोनियों को बाद में अनियमित और अवैध कैसे घोषित कर दिया गया, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि यह किसी साजिश का हिस्सा था तो दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद नगर निगम आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है, जो जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। हालांकि, शहर की सैकड़ों अन्य कॉलोनियों के निवासी अब भी नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों का कहना है कि वे वर्षों से मूलभूत सुविधाओं और संपत्ति संबंधी अधिकारों से वंचित हैं।