Wednesday, October 28, 2026
फरीदाबाद NIT-1 मार्केट में आग

फरीदाबाद की नंबर-1 मार्केट में भीषण आग, चार दुकानों का सामान जलकर राख

फरीदाबाद: फरीदाबाद की NIT नंबर-1 मार्केट में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है। आग एक दुकान से शुरू होकर आसपास की तीन अन्य दुकानों तक फैल गई। दमकल विभाग की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान चलाया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका है।

एक दुकान से शुरू हुई आग, चार दुकानें चपेट में आईं

जानकारी के अनुसार, NIT नंबर-1 मार्केट में देर रात एक कपड़ों के शोरूम में आग लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास की तीन अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख बाजार में मौजूद लोगों और व्यापारियों में हड़कंप मच गया।

दमकल विभाग ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू

आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और पुलिस टीम मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग को आसपास की दुकानों तक फैलने से रोकने और लपटों पर काबू पाने का प्रयास किया। इस दौरान दुकानदार भी अपनी दुकानों से बचा हुआ सामान निकालने की कोशिश करते नजर आए।

करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, तब तक दुकानों के अंदर रखा कपड़ा और अन्य सामान काफी हद तक जल चुका था।

लाखों रुपये के नुकसान की आशंका, कोई जनहानि नहीं

आग की चपेट में आई दुकानों में रखा सामान जलने से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। फिलहाल नुकसान की सटीक राशि का आकलन सामने नहीं आया है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।

दुकानदारों ने बिजली व्यवस्था पर उठाए सवाल

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि मार्केट में पहले भी आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। उनका दावा है कि पिछली घटना में दमकल विभाग के देर से पहुंचने की शिकायत सामने आई थी। इस बार, उनके मुताबिक, सूचना मिलने के कुछ समय बाद ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं।

दुकानदारों ने बिजली व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए मांग की है कि यदि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी है, तो इसकी जांच कराई जाए। उनका कहना है कि बिजली के तारों और कनेक्शनों की जांच से भविष्य में ऐसी घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।