चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में शराब की बोतल को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू शराब की बोतल लेकर पंजाब विधानसभा पहुंचे और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा। बिट्टू ने दावा किया कि यह मुख्यमंत्री का पसंदीदा ब्रांड है। उनके इस बयान के बाद पंजाब में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
पहले CM हाउस पहुंचे थे रवनीत बिट्टू
रवनीत सिंह बिट्टू ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वह पहले शराब की बोतल लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद वह बोतल लेकर पंजाब विधानसभा पहुंचे। बोतल दिखाते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसा और इसे उनकी पसंदीदा शराब बताया।
बिट्टू ने इस घटनाक्रम को पंजाब सरकार के खिलाफ अपने विरोध प्रदर्शन से जोड़ते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने हाल ही में दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान रोके जाने के मामले का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, उनके सामान और शराब की बोतल को लेकर सुरक्षा जांच हुई थी। हालांकि, एयरपोर्ट पर हुई कार्रवाई और बोतल से जुड़े घटनाक्रम की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
भाजपा ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना
रवनीत सिंह बिट्टू के इस विरोध प्रदर्शन के बाद भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है। भाजपा की ओर से पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। बिट्टू के प्रदर्शन को मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के खिलाफ राजनीतिक विरोध के रूप में देखा जा रहा है।
मनविंदर सिंह ग्यासपुरा का पलटवार, पंजाब के इतिहास पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने रवनीत सिंह बिट्टू के शराब की बोतल वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन पर निशाना साधा। ग्यासपुरा ने कहा कि बिट्टू आज शराब की बोतल लेकर विधानसभा पहुंचे हैं, लेकिन उन्हें पंजाब के इतिहास से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए।
ग्यासपुरा ने 1984 से 1992 के बीच पंजाब में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए बिट्टू से सवाल किए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में पंजाब के युवाओं को भारी नुकसान उठाना पड़ा और कथित तौर पर 36 हजार लोगों की मौतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बिट्टू के पारिवारिक राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए इस अवधि की घटनाओं पर जवाब मांगा।
ग्यासपुरा के ये बयान राजनीतिक आरोपों के रूप में सामने आए हैं। उनके द्वारा बताए गए आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
शराब की बोतल से शुरू हुआ सियासी विवाद
पंजाब विधानसभा के बाहर रवनीत सिंह बिट्टू के प्रदर्शन और उसके जवाब में मनविंदर सिंह ग्यासपुरा की टिप्पणी ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर भाजपा नेता के आरोप हैं, तो दूसरी ओर ग्यासपुरा ने पंजाब के अतीत से जुड़े सवाल उठाए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों के बयानों और आरोपों को अलग-अलग समझना महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब सरकार का इस विशिष्ट विवाद पर आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।
