रतिया में किसान संघर्ष समिति ने एसडीएम को सौंपा मांग पत्र, विशेष गिरदावरी करवाने की मांग; 3 नवंबर को डीसी कार्यालय के घेराव की चेतावनी
फतेहाबाद: बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर पगड़ी सम्भाल जट्टा किसान संघर्ष समिति हरियाणा ने रतिया में प्रदर्शन का रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम रतिया को मांग पत्र सौंपा। किसान संगठन ने प्रभावित किसानों को प्रति किसान एक लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को जल्द विशेष गिरदावरी करवाकर नुकसान का आकलन करना चाहिए और प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवानी चाहिए।
खेती की बढ़ती लागत से पहले ही परेशान हैं किसान
किसानों को संबोधित करते हुए पगड़ी सम्भाल जट्टा किसान संघर्ष समिति हरियाणा के राज्य प्रधान मनदीप नथवान ने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही महंगे बीज, खाद और अन्य कृषि खर्चों के चलते आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। फसल खराब होने से उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं।
मनदीप नथवान ने सरकार से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत विशेष गिरदावरी करवाई जाए, ताकि फसलों को हुए नुकसान का सही आकलन हो सके। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देकर आर्थिक राहत दी जानी चाहिए। किसान संगठन ने प्रत्येक प्रभावित किसान को एक लाख रुपये मुआवजा देने की मांग दोहराई।
मांगें नहीं मानीं तो 3 नवंबर को डीसी कार्यालय का घेराव
मनदीप नथवान ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो 3 नवंबर को डीसी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने किसान समुदाय से अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए एकजुट होने और आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
किसान संगठन ने सरकार से मांग की है कि फसल नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया में देरी न की जाए और प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा दिया जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार किसानों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।
