Wednesday, July 29, 2026

UJJWAL DISHA@ सोमवती अमावस्या पर ब्रह्मसरोवर में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, पितरों के निमित्त किया पिंडदान

कुरुक्षेत्र। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मसरोवर और सन्निहित सरोवर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कई वर्षों बाद बने इस विशेष संयोग के चलते हरियाणा सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र सरोवरों में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे।

श्रद्धालुओं ने ब्रह्मसरोवर और सन्निहित सरोवर में स्नान करने के बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा अपने पितरों की शांति और मोक्ष की कामना के लिए पिंडदान एवं दान-पुण्य किया। अमावस्या के अवसर पर हवन-यज्ञ का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

इस अवसर पर स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने भी ब्रह्मसरोवर में स्नान कर पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं को सनातन परंपराओं तथा पितृ तर्पण के महत्व के बारे में बताया।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन ब्रह्मसरोवर और सन्निहित सरोवर में स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है तथा देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। इसी आस्था और विश्वास के साथ हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचे और पवित्र स्नान किया।

मान्यता यह भी है कि महाभारत युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए योद्धाओं के निमित्त पिंडदान की परंपरा भी इस दिन से जुड़ी हुई है। इसी कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों और पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए थे। सुरक्षा के मद्देनजर गोताखोरों की टीम, पुलिस कर्मी और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। ब्रह्मसरोवर में स्नान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

दिनभर ब्रह्मसरोवर और सन्निहित सरोवर परिसर में धार्मिक गतिविधियां जारी रहीं। श्रद्धालुओं ने स्नान, पूजा-अर्चना, पिंडदान और दान-पुण्य कर सोमवती अमावस्या का पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरे तीर्थ क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला।