पानीपत। गांव डिडवाड़ी स्थित कौशिक टेक्सटाइल में 28 अप्रैल को हुई भीषण आगजनी की घटना अब विवादों में घिर गई है। गुरुवार को इंडस्ट्री मालिक ऋषि कौशिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि यह आग हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत लगाई गई है।
जमीन के लिए आगजनी का आरोप
ऋषि कौशिक ने गांव के ही एक व्यक्ति कृष्ण (हरियाणा रोडवेज से सेवानिवृत्त चालक) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह उनकी इंडस्ट्री के बीच से अपने खेतों के लिए रास्ता बनाने का दबाव बना रहा था। जिस जमीन की मांग की जा रही थी, उसकी कीमत करीब 85 लाख रुपये बताई जा रही है।
एक साल से चल रहा था विवाद
कौशिक के अनुसार, रास्ता न देने पर आरोपी पिछले एक साल से उनके कर्मचारियों को धमका रहा था और विभिन्न विभागों में लगातार शिकायतें देकर इंडस्ट्री को बंद करवाने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, जांच के दौरान हर बार इंडस्ट्री को क्लीन चिट मिली।
“जानबूझकर लगाई गई आग” का दावा
इंडस्ट्री मालिक ने आरोप लगाया कि 28 अप्रैल को इसी विवाद के चलते आरोपी ने जानबूझकर आगजनी की घटना को अंजाम दिया, जिससे इंडस्ट्री को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि उनके पास इस साजिश के पुख्ता सबूत मौजूद हैं।
पुलिस में शिकायत, जांच जारी
ऋषि कौशिक ने समालखा थाना में लिखित शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने नुकसान की भरपाई करवाने की भी मांग उठाई है।
वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी या फिर वास्तव में इसे जानबूझकर लगाया गया।
गांव में चर्चा तेज
घटना के बाद गांव डिडवाड़ी में औद्योगिक इकाइयों और ग्रामीणों के बीच जमीन विवाद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
