अंबाला: सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ‘हरमन सिटी’ कॉलोनी में उस समय हड़कंप मच गया जब जिला नगर योजनाकार (DTP) भारी पुलिस बल और जेसीबी के साथ पहुंचे। हाई कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए विभाग ने ‘राइट ऑफ वे’ (रास्ते की जमीन) पर बनी ग्रीनरी और किए गए अतिक्रमण को ढहा दिया। इस कार्रवाई से कॉलोनी के निवासियों में भारी नाराजगी देखी गई।
अचानक मिले नोटिस से लोग हैरान
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें कल ही अचानक नोटिस थमाए गए थे, जिनमें रास्ते पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की चेतावनी दी गई थी। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते या उचित कदम उठाते, विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।
निवासियों का तर्क: सरकारी पेड़ ‘ग्रीनरी’ तो हमारे क्यों ‘अतिक्रमण’?
कार्रवाई के दौरान हरमन सिटी वेलफेयर सोसाइटी के सचिव वरुण गुप्ता ने विभाग की दोहरी नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
“जब सरकार खुद इसी रास्ते पर सुंदरता और पर्यावरण के लिए पेड़ लगा सकती है, तो निवासियों द्वारा लगाई गई हरियाली (ग्रीनरी) पर आपत्ति क्यों है? हमने सिर्फ पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए पौधे लगाए थे, इसे अतिक्रमण की श्रेणी में रखना गलत है।”
वरुण गुप्ता ने साफ किया कि वे अदालती आदेशों का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों के पास इस बात का कोई जवाब नहीं था कि विभाग द्वारा लगाए गए पेड़ जायज और निवासियों के पेड़ ‘ऑब्जेक्शनेबल’ कैसे हो गए।
अधिकारी बोले- नियम और कोर्ट के आदेश सर्वोपरि
मौके पर मौजूद जिला नगर योजनाकार (DTP) ने बताया कि सरकार और हाई कोर्ट के बीच अतिक्रमण को लेकर एक मामला चल रहा है। माननीय न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए ही यह कार्रवाई की गई है। अधिकारी ने स्पष्ट किया:
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नियमानुसार चलने के रास्ते (Right of Way) को किसी भी तरह से बाधित नहीं किया जा सकता।
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जिन लोगों ने रास्ते की जमीन को कवर किया था, उसे हटाया गया है।
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हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नियमानुसार कुछ स्थानों पर ग्रीनरी रखी जा सकती है, लेकिन अवैध कब्जों की अनुमति नहीं होगी।
कार्रवाई के दौरान काफी देर तक हंगामा चलता रहा, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते विभाग ने अपना अभियान जारी रखा और रास्ते को खाली कराया।

