Saturday, May 30, 2026

UJJWAL DISHA: अनिल विज का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार: “बब्बर शेर होते तो ढेर न होते”

अंबाला |हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया है। विज ने राहुल गांधी के ‘बब्बर शेर’ वाले बयान पर तंज कसते हुए उन्हें चुनावी हारों की याद दिलाई और नगर निगम चुनावों को लेकर भाजपा की तैयारियों पर हुंकार भरी।

“राहुल गांधी हर प्रदेश में हो रहे ढेर”
राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर की गई टिप्पणी—कि ‘बब्बर शेर उन्हें पकड़ लेगा’—पर पलटवार करते हुए अनिल विज ने कहा कि यही कारण है कि राहुल गांधी हर प्रदेश में चुनाव हार रहे हैं। विज ने चुटकी लेते हुए कहा, “अगर राहुल गांधी वास्तव में बब्बर शेर होते, तो इस तरह बार-बार चुनावी मैदान में ढेर न होते।” उन्होंने कहा कि जनता असलियत जानती है और राहुल गांधी के बयानों को गंभीरता से नहीं लेती।

नगर निगम चुनाव: 365 दिन सक्रिय रहती है भाजपा
प्रदेश में होने वाले आगामी नगर निगम चुनावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) हमेशा चुनावी मोड में रहती है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां केवल चुनाव के समय ही ‘बरसाती मेंढक’ की तरह सक्रिय होती हैं, जबकि बीजेपी का कार्यकर्ता साल के 365 दिन जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करता है। विज ने विश्वास जताया कि जिस तरह विधानसभा चुनावों में जनता ने पीएम मोदी की नीतियों पर मुहर लगाई, उसी तरह नगर निगमों में भी ‘कमल’ खिलेगा।

परिसीमन पर रुख: “लोकतंत्र होगा मजबूत”
क्षेत्रों के परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर विज ने इसे एक अनिवार्य और संवैधानिक प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि परिसीमन का मुख्य उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर क्षेत्रों का संतुलन बनाना है ताकि विकास कार्यों और प्रतिनिधित्व में निष्पक्षता बनी रहे। उन्होंने विपक्ष को इस पर राजनीति न करने की सलाह देते हुए कहा कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक पारदर्शी और मजबूत होगी।

तबादलों पर वायरल चिट्ठी: विज ने साफ की स्थिति
हाल ही में सोशल मीडिया पर उनके विभागों में तबादलों को लेकर वायरल हुई एक चिट्ठी पर अनिल विज ने स्थिति स्पष्ट की। विज ने कहा कि विभाग में होने वाले तबादले विभागीय मंत्री के संज्ञान में होने चाहिए और तय सिस्टम के जरिए ही होने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया, “मुझे कुछ शिकायतें मिली थीं कि नियमों को ताक पर रखकर सीधे तबादले किए जा रहे हैं। व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए ही मैंने लिखित निर्देश जारी किए हैं।”

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