कुरुक्षेत्र, —
हरियाणा की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। थानेसर से विधायक और पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी लोकतंत्र को कमजोर करने और खरीद-फरोख्त की राजनीति को बढ़ावा देने में लगी हुई है।
कुरुक्षेत्र में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अरोड़ा ने आम आदमी पार्टी के सांसदों के भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
‘लोकतंत्र को मजाक बना रही भाजपा’
अरोड़ा ने कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र को मजाक बनाकर रख दिया है और वह “वन पार्टी, वन नेशन” की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधायकों और सांसदों की खरीद-फरोख्त कर राजनीति को एक व्यापार की मंडी में बदल दिया गया है।
“यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है, जहां जनप्रतिनिधियों को खरीदकर सरकारें बनाई और गिराई जा रही हैं,” उन्होंने कहा।
आप सांसदों के पार्टी छोड़ने पर सवाल
आम आदमी पार्टी के सांसदों द्वारा पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर अरोड़ा ने कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक नैतिकता के खिलाफ है और जनता के विश्वास के साथ धोखा है।
अरोड़ा के अनुसार, जिन नेताओं को एक पार्टी के नाम पर जनता या विधायकों ने चुना, उनका दूसरी पार्टी में जाना लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करता है।
राघव चड्ढा पर निशाना
अरोड़ा ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि उन्हें पार्टी के अंदर घुटन महसूस हो रही थी, तो उन्हें नैतिकता का परिचय देना चाहिए।
“अगर उनमें थोड़ी भी नैतिकता है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देकर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहिए,” अरोड़ा ने कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि राघव चड्ढा को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने चुना है, इसलिए उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे उस विश्वास का सम्मान करें।
‘लालच में हो रहा दल-बदल’—अरोड़ा
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि कई नेता लालच के चलते भाजपा में शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि एक सांसद के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के कुछ दिन बाद ही वह भाजपा में शामिल हो गए और उसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई थम गई।
हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा स्पष्ट रूप से राजनीतिक दबाव और एजेंसियों के इस्तेमाल की ओर था।
दुष्यंत चौटाला मामले पर उठाए सवाल
अरोड़ा ने इस दौरान दुष्यंत चौटाला से जुड़े हालिया मामले में भी कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि बिना वर्दी के एक इंस्पेक्टर द्वारा की गई कार्रवाई पूरी तरह गलत है और इसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
“अगर गलती ड्राइवर की थी तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन इस तरह वाहन के पीछे लटककर पकड़ने का तरीका सही नहीं है,” उन्होंने कहा।
कानून व्यवस्था पर चिंता
अरोड़ा ने कहा कि इस तरह की घटनाएं कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी बयानबाजी
हरियाणा में आगामी चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
अरोड़ा के बयान को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां विपक्ष भाजपा पर लगातार हमलावर है और राजनीतिक नैतिकता को मुद्दा बना रहा है।
