कैथल। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) कैथल की टीम ने कलायत अनाज मंडी के पास एक निजी बैंक की महिला कर्मचारी को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मचारी पर लोन माफी, डेथ क्लेम सेटलमेंट और एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) जारी करवाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार कलायत निवासी रमन ने एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उसके दिवंगत पिता ने बैंक से ऋण लिया था। पिता के निधन के बाद लोन माफी, डेथ क्लेम सेटलमेंट और एनओसी की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए उसने बैंक की कर्मचारी मुकेश रानी से संपर्क किया था।
आरोप है कि महिला कर्मचारी ने काम करवाने के बदले कुल राशि का 10 प्रतिशत कमीशन मांगा। शुरुआत में 80 हजार रुपये की मांग की गई, जिसे बाद में 60 हजार रुपये पर तय कर लिया गया। शिकायतकर्ता ने महिला कर्मचारी के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी तैयार कर ली और उसे शिकायत के साथ एसीबी को सौंप दिया।
शिकायत के आधार पर एसीबी ने इंस्पेक्टर सूबे सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित कर कार्रवाई की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत आरोपी महिला कर्मचारी को कलायत अनाज मंडी के बाहर एक चाय की दुकान पर बुलाया गया। जैसे ही उसने शिकायतकर्ता से 60 हजार रुपये की नकदी प्राप्त की, पहले से तैनात एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार आरोपी को रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
