हिसार। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। एक निजी प्रतिष्ठान पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मंडियों में गेहूं की खरीद और उठान की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
“60% गेहूं खुले में पड़ा”
चौटाला ने दावा किया कि कलायत और उचाना जैसी प्रमुख मंडियों में करीब 60 प्रतिशत गेहूं अब भी खुले आसमान के नीचे पड़ा है। उन्होंने कहा कि समय पर उठान न होने के कारण किसानों की फसल खराब होने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
मुख्यमंत्री पर साधा निशाना
उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर तंज कसते हुए कहा कि जब अन्नदाता अपनी फसल को बचाने के लिए मंडियों में संघर्ष कर रहा है, तब मुख्यमंत्री चुनावी कार्यक्रमों और प्रचार में व्यस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को किसानों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।
भुगतान में देरी पर भी उठाए सवाल
पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण न तो समय पर फसल का उठान हो रहा है और न ही किसानों को उनकी फसल का भुगतान मिल रहा है। इससे किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आंदोलन की चेतावनी
चौटाला ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उठान प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई गई और किसानों का बकाया भुगतान नहीं किया गया, तो सरकार को किसानों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मेहनत की फसल को बर्बाद होते देख रहा है, जबकि सरकार आंकड़ों में उलझी हुई है।
हिसार प्रकरण पर भी सरकार को घेरा
हिसार में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर भी दुष्यंत चौटाला ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे पुलिस और प्रशासन की गैर-कानूनी कार्रवाई बताया।
“छोटी घटना पर सख्त कार्रवाई”
उन्होंने कहा कि महज दो गमले टूटने की घटना पर उनके छह साथियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया, जो सत्ता के दुरुपयोग को दर्शाता है।
“दमनकारी नीतियां बर्दाश्त नहीं”
चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकार कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने के लिए दमनकारी नीतियां अपना रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़े हैं और इस तरह की कार्रवाई को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दुष्यंत चौटाला के इन बयानों से प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर किसानों और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर बहस तेज हो गई है। अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और मंडियों में चल रही व्यवस्थाओं को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
