गेहूं खरीद, कानून व्यवस्था और चुनाव आयोग के दुरुपयोग पर उठाए सवाल, बोले- CM के पास अब सिर्फ “दिल्ली दौरे और चुनाव प्रचार” का काम
कुरुक्षेत्र।
पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने शाहाबाद उपमंडल पहुंचकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने गेहूं खरीद व्यवस्था, कानून व्यवस्था और चुनाव आयोग के कथित दुरुपयोग को लेकर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि हरियाणा में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
दुष्यंत चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास अब प्रदेश की समस्याओं के लिए समय नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आजकल सिर्फ “दिल्ली भ्रमण” या फिर पश्चिम बंगाल, असम और पंजाब जैसे राज्यों के चुनावी दौरों में व्यस्त हैं, जबकि हरियाणा का किसान और आम जनता परेशान है।
“गेहूं खरीद व्यवस्था पूरी तरह फेल”
पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश में गेहूं खरीद और उठान व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हुई है। मंडियों में किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीद प्रक्रिया में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हुई हैं और कई जगहों पर एक ही व्यक्ति द्वारा सैकड़ों किसानों के फिंगरप्रिंट लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले के तथ्यों और दस्तावेजों को जल्द मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। दुष्यंत ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम रही है और मंडियों में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है।
“प्रदेश में लूट मची हुई है”
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में आर्थिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी बैंकों द्वारा करोड़ों रुपये डकार लिए गए, लेकिन सरकार आंखें मूंदे बैठी है।
उन्होंने कहा कि किसानों और आम लोगों की मेहनत की कमाई सुरक्षित नहीं है और सरकार केवल दावे करने तक सीमित रह गई है।
काफिला रोकने के मामले में उठाए सवाल
अपने काफिले को रोके जाने के मामले पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिन लोगों पर आरोप हैं, वही लोग जांच कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जांच प्रक्रिया में बुलाया तक नहीं गया और बिना पक्ष सुने जांच पूरी कर दी गई।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच हरियाणा से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी या रिटायर्ड जज से करवाई जानी चाहिए ताकि निष्पक्ष सच्चाई सामने आ सके।
चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए दुष्यंत चौटाला ने चुनाव आयोग और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर अपने मुताबिक फैसले करवाए गए, जो लोकतंत्र के लिए ठीक संकेत नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होना बेहद गंभीर विषय है और इससे जनता का भरोसा कमजोर होता है।
सरकार को घेरने की कोशिश
दुष्यंत चौटाला के बयान को प्रदेश की राजनीति में सरकार को घेरने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है। उन्होंने किसानों, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज को लेकर भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया।
शाहाबाद में उनके इस दौरे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं की भी अच्छी मौजूदगी देखने को मिली। कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए दुष्यंत चौटाला के समर्थन में आवाज बुलंद की।
अब देखना होगा कि दुष्यंत चौटाला द्वारा लगाए गए आरोपों पर सरकार और भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
