Wednesday, July 29, 2026
हरियाणा प्राकृतिक खेती

हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, 2047 तक 20 प्रतिशत कृषि भूमि लाने का लक्ष्य

कुरुक्षेत्र। हरियाणा के किसान कल्याण एवं कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्राकृतिक खेती समय की आवश्यकता है और राज्य सरकार इसे जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के तहत हरियाणा सरकार ने वर्ष 2047 तक प्रदेश की 20 प्रतिशत कृषि भूमि को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाने का रोडमैप तैयार किया है।

कुरुक्षेत्र में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के विशेष सम्मेलन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए अब हर महीने प्राकृतिक खेती सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इन सम्मेलनों में किसानों के सुझाव लिए जाएंगे और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।

श्याम सिंह राणा ने बताया कि प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश के 10 जिलों की पारंपरिक मंडियों में प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए अलग स्थान आरक्षित किया जाएगा। साथ ही इन मंडियों में विशेष प्रयोगशालाएं (लैब्स) स्थापित की जाएंगी, जहां उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को बाजार की अनिश्चितता से बचाने के लिए हाफेड (HAFED) उनके उत्पादों की प्रीमियम दरों पर खरीद करेगा। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा।

कृषि मंत्री ने रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हुई है और जल व पर्यावरण पर भी नकारात्मक असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना जरूरी है।

यह भी पढ़ें: हरियाणा कांग्रेस के नए प्रभारी संजय दत्त का कुमारी सैलजा ने किया स्वागत, संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर