जींद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को प्रस्तावित जींद दौरे से पहले हरियाणा के लोक निर्माण विभाग (PWD) के ठेकेदारों ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए सरकार पर करीब 900 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान का मुद्दा उठाया है। जींद के एक निजी होटल में बड़ी संख्या में एकत्र हुए ठेकेदारों ने चेतावनी दी कि यदि 16 जुलाई तक उनका बकाया जारी नहीं किया गया तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष अपनी समस्या रखने को मजबूर होंगे। पत्रकारों के माध्यम से उन्होंने प्रधानमंत्री को प्रतीकात्मक रूप से “मिस्ड कॉल” देते हुए अपनी मांगों की ओर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।
आल हरियाणा पीडब्ल्यूडी ठेकेदार एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक जैन, प्रधान जय भगवान और उपप्रधान मनोज चहल ने कहा कि सरकार पर PWD कार्यों के लगभग 900 करोड़ रुपये बकाया हैं। उनका कहना है कि भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण सैकड़ों ठेकेदार और उनसे जुड़े हजारों परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। एसोसिएशन का दावा है कि करीब 5,000 ठेकेदारों से जुड़े लगभग पांच लाख लोगों की आजीविका इस भुगतान पर निर्भर है।
ठेकेदारों ने कहा कि प्रधानमंत्री के जींद दौरे को देखते हुए पूरा प्रशासनिक अमला तैयारियों में जुटा हुआ है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि प्रधानमंत्री के आगमन से पहले ही लंबित भुगतान जारी कर दिया जाए, ताकि उन्हें अपनी समस्या प्रधानमंत्री के सामने उठाने की नौबत न आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी सरकारी कार्यक्रम में बाधा डालना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना है।
एसोसिएशन के नेताओं ने बताया कि वे पिछले चार महीनों से लगातार ज्ञापन, धरना और प्रदर्शन के माध्यम से अपनी मांग उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी कारण अब उन्होंने जींद में स्थायी रूप से डेरा डाल दिया है और चेतावनी दी है कि यदि 16 जुलाई तक भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
