बाबा बंदा सिंह बहादुर की ऐतिहासिक धरोहर विकास की बाट जोह रही
यमुनानगर। सिखों के महान योद्धा और खालसा राज के संस्थापक वीर शिरोमणि बाबा बंदा सिंह बहादुर से जुड़े ऐतिहासिक लौहगढ़ गुरुद्वारा साहिब में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर सिख समाज में नाराजगी बढ़ती जा रही है। समाज के प्रतिनिधियों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से गुरुद्वारा परिसर में बिजली, पानी, सड़क और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
सिख इतिहास का महत्वपूर्ण केंद्र है लौहगढ़ साहिब
यमुनानगर स्थित लौहगढ़ साहिब सिख इतिहास का एक महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल माना जाता है। इतिहासकारों के अनुसार यह स्थान बाबा बंदा सिंह बहादुर के संघर्ष, शौर्य और बलिदान से जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद, यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली और पेयजल की कमी से श्रद्धालु परेशान
सिख समाज के लोगों का कहना है कि गुरुद्वारा परिसर में नियमित बिजली और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। विशेषकर गर्मी के मौसम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इतने महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर सुविधाओं का अभाव चिंताजनक है।
किसान नेता ने उठाई सुविधाएं बढ़ाने की मांग
भारतीय किसान यूनियन के डायरेक्टर मनदीप रोड छप्पर ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब में बिजली और पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। उन्होंने कहा कि लौहगढ़ साहिब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सिख इतिहास और वीरता का प्रतीक है। इसलिए, इसके संरक्षण और विकास के लिए सरकार को प्राथमिकता के आधार पर कदम उठाने चाहिए।
धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग
सिख समाज ने मुख्यमंत्री, बिजली मंत्री और संबंधित विभागों से मांग की है कि लौहगढ़ साहिब को धार्मिक पर्यटन और ऐतिहासिक विरासत स्थल के रूप में विकसित किया जाए। साथ ही, यहां स्थायी बिजली कनेक्शन, स्वच्छ पेयजल, बेहतर सड़क, पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय, श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल तथा हाईमास्ट लाइट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
आंदोलन की चेतावनी
समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई, तो सिख संगत और सामाजिक संगठनों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उनका कहना है कि लौहगढ़ गुरुद्वारा साहिब सिख इतिहास, वीरता और बलिदान की अमूल्य धरोहर है, जिसके संरक्षण और विकास के लिए सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद
स्थानीय संगठनों का मानना है कि यदि सरकार इस ऐतिहासिक स्थल के विकास पर ध्यान देती है, तो न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं, इससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिल सकती है।
