कुरुक्षेत्र, 9 जून। शाहाबाद के माइनिंग कारोबारी सुनील भाटिया उर्फ बंटी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले के मुख्य आरोपी रोबिन उर्फ मोनू निवासी शहजादपुर और मुख्य शूटर अमन निवासी बड़ोत (करनाल) पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश के दौरान घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। उन्हें उपचार के लिए एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, सीआईए-1 की टीम दोनों आरोपियों को रिमांड के दौरान हथियारों की बरामदगी के लिए पिपली बस स्टैंड के पीछे लेकर गई थी। आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार उन्होंने वहीं छिपा रखे हैं।
सीआईए-1 के प्रभारी प्रतीक कुमार ने बताया कि निशानदेही के दौरान आरोपियों ने छिपाए गए हथियार निकाले और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद दोनों आरोपी मौके से भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और हालात को देखते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। बाद में उन्हें काबू कर लिया गया।
पुरानी रंजिश में रची गई थी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि माइनिंग कारोबारी सुनील भाटिया पर हमला पुरानी कारोबारी रंजिश का परिणाम था। आरोप है कि रोबिन उर्फ मोनू ने अपने जीजा विजय, तुर्की में रह रहे भाई साहिल और यूके में रहने वाले एक दोस्त की मदद से हमले की साजिश रची थी।
मुख्य शूटर अमन ने अपने साथी राहुल के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस इस मामले में रोबिन, अमन, राहुल और विजय को गिरफ्तार कर चुकी है। घटना के बाद पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया।
पहले से चल रहा था विवाद
जांच के अनुसार, रोबिन और सुनील भाटिया के बीच लंबे समय से कारोबार को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि सुनील की शिकायत पर माइनिंग विभाग ने रोबिन की एक गाड़ी जब्त कर ली थी, जिसके बाद दोनों के बीच रंजिश और बढ़ गई।
रेकी के बाद किया गया हमला
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि हमले से पहले आरोपियों ने सुनील भाटिया की विस्तृत रेकी करवाई थी। उसकी दिनचर्या, आवाजाही के रास्तों और ठिकानों की जानकारी जुटाई गई। रेकी के लिए एक मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया गया, जबकि हमले के दिन दूसरी बाइक का उपयोग किया गया ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके।
मिट्टी डलवाने के बहाने की पहचान
31 मई को दोनों शूटर सुनील भाटिया का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने मिट्टी डलवाने के बहाने उससे बातचीत शुरू की। पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसका नाम और मोबाइल नंबर पूछा गया। जब उन्हें पूरा विश्वास हो गया कि सामने खड़ा व्यक्ति सुनील भाटिया ही है, तब उन्होंने बातचीत समाप्त कर दी।
पुलिस के अनुसार, जैसे ही सुनील वहां से वापस जाने लगा, आरोपियों ने उसे दोबारा आवाज देकर बुलाया। पीछे मुड़ते ही उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी गईं। हमले में एक गोली उसकी जांघ में लगी जबकि दूसरी गोली गर्दन में जा फंसी। गंभीर रूप से घायल सुनील भाटिया को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
